By: The Trek News Desk
मेरठ में महिला थाने की कार्यप्रणाली पर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की अचानक की गई जांच में ड्यूटी में कथित लापरवाही और निगरानी व्यवस्था की गंभीर कमियां सामने आईं. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 19 महिला पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया.
जानकारी के अनुसार, मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय रविवार तड़के नियमित भ्रमण के दौरान अचानक महिला थाने पहुंच गए. निरीक्षण के दौरान उन्हें थाने में अपेक्षा के अनुरूप पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिले.
बताया जा रहा है कि उस समय थाने में केवल एक महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मौजूद थी, जो कथित रूप से आराम करती हुई मिली. थाने की गतिविधियों का जायज़ा लेने के दौरान SSP ने रिकॉर्ड रजिस्टर भी अपने साथ ले लिया और बिना किसी औपचारिक सूचना के वहां से रवाना हो गए.
कुछ समय बाद जब SSP कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने संबंधित रजिस्टर मंगवाया. थाने में जब रजिस्टर की तलाश शुरू हुई तो पुलिसकर्मियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. किसी को यह जानकारी नहीं थी कि निरीक्षण के दौरान रजिस्टर SSP अपने साथ ले गए हैं.

रजिस्टर नहीं मिलने पर अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की और थाने में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. फुटेज देखने के बाद स्पष्ट हुआ कि निरीक्षण के दौरान SSP स्वयं रजिस्टर लेकर गए थे. इससे रजिस्टर गायब होने की गुत्थी तो सुलझ गई, लेकिन साथ ही थाने की निगरानी व्यवस्था और ड्यूटी प्रबंधन की कमियां भी उजागर हो गईं.
जांच के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने महिला थाने में तैनात 19 महिला पुलिसकर्मियों के तबादले के आदेश जारी कर दिए. पुलिस प्रशासन का मानना है कि ड्यूटी के दौरान सतर्कता और जिम्मेदारी का अभाव सामने आया, जो एक संवेदनशील थाने के संचालन के लिए गंभीर चिंता का विषय है.
मेरठ पुलिस की यह कार्रवाई अब अन्य थानों के लिए भी एक संदेश के रूप में देखी जा रही है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
Source: News Agencies
