By: The Trek News Desk
एलन मस्क की कंपनी एक्स(X) द्वारा विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल Grok AI के सैन्य उपयोग को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है. अमेरिकी सरकार की ओर से दायर एक कानूनी दस्तावेज़ में दावा किया गया है कि इस AI सिस्टम का उपयोग ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों में किया गया.
यह जानकारी मंगलवार को एक कानूनी ब्रीफिंग में सामने आई, जिसमें अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) ने एक पर्यावरणीय मुकदमे के खिलाफ तर्क दिया.
कानूनी ब्रीफ में कहा गया है कि xAI के डेटा सेंटर में उपयोग हो रहे गैस टरबाइनों को बंद करने की मांग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है. सरकार ने तर्क दिया कि यह डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिकी सैन्य AI संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
दस्तावेज़ में कहा गया कि यह सिस्टम रक्षा मंत्रालय (Pentagon) की AI आधारित सैन्य प्रक्रियाओं का हिस्सा है, जिन्हें “Department of War” के संचालन से जोड़ा गया है.
पेंटागन के AI प्रमुख कैमरन स्टेनली के हलफनामे के अनुसार, Grok AI को “Project Maven” नामक अमेरिकी सैन्य कार्यक्रम में इस्तेमाल किया जा रहा है. यह वही प्रोजेक्ट है जो AI आधारित टारगेट पहचान और सैन्य निर्णय प्रक्रिया में मदद करता है.
स्टेनली के बयान में दावा किया गया कि इस सिस्टम की मदद से अमेरिकी बलों ने एक अभियान के दौरान 96 घंटों में 2,000 से अधिक टारगेट्स पर कार्रवाई की.

उन्होंने यह भी कहा कि Grok Gov मॉडल के उपयोग से सैन्य संचालन की गति और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
इस मामले में नागरिक अधिकार संगठन NAACP ने xAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. संगठन का आरोप है कि कंपनी ने बिना अनुमति कई गैस टरबाइन चलाए, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में प्रदूषण बढ़ा.
NAACP का कहना है कि ये टरबाइन मुख्य रूप से अश्वेत आबादी वाले क्षेत्रों को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि कंपनी का दावा है कि ये उपकरण अस्थायी और मोबाइल हैं, इसलिए इन्हें ख़ास अनुमति की ज़रूरत नहीं है.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि फरवरी के अंत में अमेरिकी सरकार ने कंपनी Anthropic के साथ अपने अनुबंध समाप्त कर दिए थे, क्योंकि उसने अपने AI सिस्टम के पूरी तरह स्वचालित सैन्य उपयोग और नागरिक निगरानी की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
इसके बाद अमेरिकी रक्षा क्षेत्र ने Google, OpenAI और xAI जैसी कंपनियों की ओर रुख किया.
Source: News Agencies
