By: The Trek News Desk
CMRL कथित पे-ऑफ मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व केरल मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की बेटी टी. वीना से पूछताछ की. यह पहली बार है जब वीणा इस मामले में ईडी के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुई हैं.
वीणा बुधवार (17 जून, 2026) सुबह करीब 10:25 बजे कोच्चि स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचीं. उनके साथ उनके पति और बेपोर विधायक मौहम्मद रियास भी मौजूद थे, हालांकि वे कार्यालय में उनके साथ अंदर नहीं गए और बाहर ही रुकने के बाद लौट गए.
मामला Cochin Minerals and Rutile Ltd (CMRL) से जुड़ा है, जहां आरोप है कि कंपनी ने वीणा की अब बंद हो चुकी IT फर्म “Exalogic” को लगभग ₹2.78 करोड़ का भुगतान किया, जबकि इसके बदले कोई वास्तविक सेवा नहीं ली गई.
ED इसी कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है और यह पूछताछ उसी जांच का हिस्सा है.
वीणा की पेशी को देखते हुए ED कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और केरल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया.

यह कदम मई 2026 में हुई उस घटना के बाद उठाया गया है, जब ED की छापेमारी के दौरान तिरुवनंतपुरम स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास कथित रूप से हिंसा की घटनाएं हुई थीं और कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी.
ED ने वीणा को 12 जून को पेश होने के लिए समन भेजा था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए समय मांगा था. इसके बाद एजेंसी ने नया समन जारी कर उन्हें 17 जून को उपस्थित होने का निर्देश दिया.
इस मामले में जांच एजेंसी पहले ही Cochin Minerals and Rutile Ltd से जुड़े कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है. सोमवार को कंपनी के प्रबंध निदेशक की बेटी से सवाल-जवाब किए गए थे, जबकि मंगलवार को संयुक्त प्रबंध निदेशक और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ हुई.
ED के अनुसार, 2019 में आयकर विभाग की जांच में CMRL के खातों में लगभग ₹130 करोड़ के कथित फर्जी खर्चों का पता चला था. बाद में कंपनी ने आयकर निपटान आयोग के सामने भी कुछ अनियमितताओं को स्वीकार किया था.
इसके अलावा गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) की जांच में लगभग 15 वर्षों में करीब ₹182 करोड़ के कथित फर्जी नकद खर्चों का खुलासा हुआ, जिनका उपयोग विभिन्न व्यक्तियों को भुगतान करने में किए जाने का संदेह है.

प्रवर्तन निदेशालय ने इस पूरे मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत केस दर्ज किया है. यह कार्रवाई SFIO द्वारा एर्नाकुलम अदालत में दायर शिकायत के आधार पर की गई थी.
जांच के दौरान एजेंसी ने लगभग ₹18.36 करोड़ की राशि को 242 बैंक खातों में फ्रीज़ भी किया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है.
अधिकारियों के अनुसार, यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं.
Source: News Agencies
