विचारधारा ही असली विरासत, खून का रिश्ता नहीं: शिवसेना स्थापना दिवस पर बोले एकनाथ शिंदे

By: The Trek News Desk

शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने पार्टी की विरासत, संगठन की ताकत और विपक्षी ख़ेमे को लेकर कई तीख़े राजनीतिक संदेश दिए. मुंबई के नेस्को ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

शिंदे ने कहा कि अब तक जो कुछ हुआ है, वह केवल शुरुआत है और आगे की तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है. उनके इस बयान को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट से संभावित और नेताओं के अलग होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

अपने संबोधन में एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना किसी एक परिवार या व्यक्ति की संपत्ति नहीं है, बल्कि यह लाखों शिवसैनिकों की विचारधारा और संघर्ष का प्रतीक है. उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि किसी राजनीतिक संगठन की असली विरासत रक्त संबंधों से नहीं, बल्कि उसकी विचारधारा और कार्यकर्ताओं के समर्पण से तय होती है.

उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाने का कार्य आज शिवसैनिक कर रहे हैं और वही उनके वास्तविक उत्तराधिकारी हैं.

शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के लंबे समय से जुड़े दो प्रमुख सपनों को साकार किया. उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले को ऐतिहासिक कदम बताया.

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की जन्मशती वर्ष के दौरान शिवसेना ने महाराष्ट्र में अपनी मज़बूत राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई है और राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. उन्होंने इसका श्रेय गांव-गांव तक संगठन को पहुंचाने वाले समर्पित शिवसैनिकों को दिया.

शिंदे ने बिना नाम लिए शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि जो लोग अन्य दलों को कांग्रेस में विलय की सलाह दे रहे हैं, उन्हें पहले अपने संगठन की घटती राजनीतिक ताकत पर विचार करना चाहिए.

अपने भाषण के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया. शिंदे ने दावा किया कि जहां-जहां राहुल गांधी चुनावी अभियान में सक्रिय होते हैं, वहां पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिलती.

शिवसेना के स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान संगठन की उपलब्धियों, भविष्य की रणनीति और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर भी चर्चा की गई.

Source: News Agencies

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