By: The Trek News Desk
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई. इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों को और मज़बूत बनाने, क्षेत्रीय स्थिरता तथा वैश्विक व्यापार से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की.
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि पिछले वर्ष वॉशिंगटन में हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका की टीमें लगातार समन्वय के साथ काम कर रही हैं और तय लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग लगातार मज़बूत हो रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में यह साझेदारी और अधिक व्यापक रूप लेगी, जिससे दोनों देशों को लाभ मिलेगा.
बैठक के दौरान विभिन्न वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई, जिनमें ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय शांति प्रमुख मुद्दे रहे.
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और शांति बहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता और शांति की दिशा में सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को नई उम्मीद मिली है.
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए पश्चिम एशिया का स्थिर और शांतिपूर्ण रहना बेहद महत्वपूर्ण है.
वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के महत्व पर विशेष ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा और व्यापार आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा है, इसलिए इसका संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा समुद्री मार्गों पर स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही का समर्थन करता रहा है तथा इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है.
पीएम मोदी ने वैश्विक समुद्री व्यापार में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि दुनिया भर के विभिन्न समुद्री मार्गों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा भारत सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में किसी भी समझौते या रणनीतिक व्यवस्था को लागू करते समय भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.
बैठक के अंत में दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, सुरक्षा, समुद्री स्थिरता और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.
Source: News Agencies
