मेरठ में अवैध कॉम्प्लेक्स पर चला बुलडोज़र: सेंट्रल मार्केट की 22 दुकानेंहो जाएंगी जमींदोज़

By: The Trek News Desk

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में मेरठ प्रशासन ने सेंट्रल मार्केट के अवैध कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर दिया गया है. शनिवार सुबह से ही इस कॉम्प्लेक्स में प्रशासनिक हलचल तेज थी, जहां 22 से 25 अवैध दुकानों को हटाने का अभियान शुरू किया गया था.

1986 से खड़ा था अवैध निर्माण

जानकारी के अनुसार, सेंट्रल मार्केट के जिस कॉम्प्लेक्स पर बुलडोज़र चलाया गया है, उसकी नींव 1986 में रखी गई थी. यह निर्माण नियामक स्वीकृति के बिना किया गया था, और वर्षों से कानूनी विवाद में फंसा रहा.
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने शुक्रवार शाम को ही मुनादी कराकर दुकानदारों को स्थान खाली करने का आदेश दे दिया था.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की पिछली सुनवाई 6 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जिसमें अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के निर्देश जारी किए गए थे. अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है, लेकिन जिला प्रशासन ने कोर्ट के पूर्व निर्देशों के अनुपालन में कार्रवाई को पहले ही आगे बढ़ा दिया.

बाज़ार में था हड़कंप, इलाके में सुरक्षा कड़ी

शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल था. व्यापारियों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया था, वहीं पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया.

  • पुलिस बल की भारी तैनाती
  • फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात
  • आसपास की सड़कों पर यातायात डायवर्ट
  • अन्य जिलों से अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई

प्रशासन का कहना है कि यह कदम शहर के अनुशासित विकास और अवैध निर्माणों पर सख्त नियंत्रण के लिए आवश्यक है.

व्यापारियों में नाराज़गी, कानूनी कदम की तैयारी

स्थानीय व्यापारियों ने इस कार्रवाई पर नाराज़गी जताई है. उनका कहना है कि वे अदालत के अंतिम आदेश का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने जल्दबाज़ी में बुलडोज़र चलाने का फैसला ले लिया.
कुछ व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले को फिर से अदालत में उठाएंगे.

बुलडोज़र नीति’ के तहत बढ़ी सख्ती

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की उस राज्यव्यापी मुहिम का हिस्सा है जिसके तहत अवैध निर्माणों पर बुलडोज़र चलाकर कठोर संदेश दिया जा रहा है.
मेरठ प्रशासन ने साफ कहा है-

“कानून के खिलाफ किसी भी इमारत को बख्शा नहीं जाएगा. आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज़ होगी.”

स्थानीय असर और जनभावना

बाज़ार की अधिकांश दुकानें बंद हैं, जिससे रोज़मर्रा की व्यापारिक गतिविधियाँ ठप हो गई हैं. आसपास के इलाकों में यातायात जाम की स्थिति है और निवासी भी असमंजस में हैं.
हालांकि, प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई शहर के बेहतर शहरी ढांचे और सुव्यवस्थित विकास के लिए ज़रूरी है.

Source: News Agencies

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *