तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में सीफूड फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव, दो महिला श्रमिकों की मौत

By: The Trek News Desk

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण (सीफूड प्रोसेसिंग) फैक्ट्री में रविवार को अमोनिया गैस के रिसाव से बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया. इस दुर्घटना में ओडिशा की दो प्रवासी महिला श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक कर्मचारी प्रभावित होकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं. इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है.

मृतकों की पहचान ओडिशा निवासी जुमानी जुआंग और बी. मालोथी के रूप में हुई है. दोनों फैक्ट्री में कार्यरत थीं और परिसर में उपलब्ध कराए गए आवास में रहती थीं.

घटना के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति के गठन का आदेश दिया है. समिति में औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव तथा अतिरिक्त जनस्वास्थ्य निदेशक को शामिल किया गया है.

सरकार ने समिति को 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और तीन दिनों के अंदर विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. साथ ही राज्यभर के सभी खतरनाक उद्योगों में तत्काल संयुक्त सुरक्षा निरीक्षण कराने का फैसला भी लिया गया है.

मुख्यमंत्री ने मृतक श्रमिकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹2 लाख की मदद देने की घोषणा की है. इसके अलावा दोनों महिलाओं के पार्थिव शरीर उनके गृह राज्य ओडिशा भेजने का खर्च भी राज्य सरकार अदा करेगी.

पुलिस के अनुसार, पेरियापालयम क्षेत्र के कन्नागीपेर गांव स्थित पीटर एंड पॉल सीफूड एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में झींगा (श्रिम्प) प्रसंस्करण और निर्यात का कार्य किया जाता है. घटना के समय परिसर में 67 कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें अधिकांश महिला प्रवासी श्रमिक थीं.

गैस रिसाव की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया. इसके बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक मोहन और प्रबंधक डेनियल को गिरफ्तार कर लिया. दोनों के ख़िलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

जिले के प्रशासन ने हादसे की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की विशेष रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) टीम को मौके पर भेजा. करीब 30 सदस्यीय टीम आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और गैस डिटेक्शन मशीनों के साथ घटनास्थल पर पहुंची.

प्रभावित श्रमिकों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया. गंभीर रूप से बीमार मरीजों को चेन्नई के सरकारी अस्पतालों में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खुलासा किया कि इस कंपनी के खिलाफ पहले से ही सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला लंबित है. निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में पर्याप्त अलार्म सिस्टम, फायर हाइड्रेंट और कर्मचारी बीमा संबंधी ज़रूरी रिकॉर्ड नहीं पाए गए थे.

इसके अलावा, नई मशीनरी स्थापित करने के बावजूद कंपनी ने संशोधित तकनीकी स्वीकृति भी प्राप्त नहीं की थी. विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जाने और दोबारा निरीक्षण के बाद भी कमियों को दूर नहीं किया गया. इसी कारण कंपनी प्रबंधन के खिलाफ पहले से न्यायालय में मामला चल रहा है.

इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन चेतावनी प्रणाली सही ढंग से कार्यरत होती, तो इतनी बड़ी संख्या में श्रमिक प्रभावित होने से बच सकते थे.

Source: News Agencies

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *