By: The Trek News Desk
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक सख्त बयान जारी कर हालात को और गंभीर बना दिया है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि दोनों देशों के बीच जल्द समझौता नहीं हुआ और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को तुरंत व्यापार के लिए नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे को पूरी तरह तबाह कर सकता है.
ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका एक “नए और अधिक समझदार नेतृत्व” के साथ बातचीत कर रहा है और वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है. लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर यह बातचीत विफल होती है, तो अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई ख़त्म करते हुए ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों, जैसे बिजली उत्पादन केंद्र, तेल कुएं और प्रमुख निर्यात हब खर्ग द्वीप को निशाना बना सकता है.
इससे पहले एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यह संकेत भी दिया था कि अमेरिका ईरान के तेल संसाधनों को अपने नियंत्रण में लेने का विकल्प भी देख रहा है. उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ऊर्जा बाज़ार दोनों में हलचल मचा दी है.
ट्रंप के इन बयानों का असर वैश्विक तेल बाज़ार पर तुरंत दिखाई दिया. कच्चे तेल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जिससे ऊर्जा बाज़ार में अस्थिरता बढ़ गई है.
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव और गहराता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति, व्यापार मार्गों और ईंधन कीमतों पर पड़ेगा, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है.
Source: News Agencies
