By: The Trek News Desk
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन अब गंभीर स्वास्थ्य चिंताओं का कारण बनता जा रहा है. अनशन के 20वें दिन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्रों की सेहत में गिरावट दर्ज की गई है.
डॉक्टरों के अनुसार, सोनम वांगचुक को हल्का डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) हुआ है और उनका वज़न लगभग 350 ग्राम कम हुआ है. हालांकि चिकित्सकों ने बताया कि उनकी मानसिक स्थिति सामान्य है. स्वास्थ्य जांच में उनका रक्तचाप 108/68 mmHg, ब्लड शुगर 80 mg/dL और नाड़ी 72 प्रति मिनट दर्ज की गई.
वहीं AISA के तीन छात्र कार्यकर्ताओं की हालत लगातार कमज़ोर होती जा रही है. डॉक्टरों ने उनमें से एक छात्रा को गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया (ब्लड शुगर का अत्यधिक कम होना) के कारण तुरंत अस्पताल में भर्ती होने और अनशन ख़त्म करने की सलाह दी है. बताया गया है कि यदि समय रहते उपचार नहीं मिला तो उनकी स्थिति और गंभीर हो सकती है.
पूर्व AISA अध्यक्ष साई बालाजी ने जानकारी दी कि चिकित्सकों ने तीनों छात्रों को अब पैदल चलने से भी मना कर दिया है. स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें आगे के अनशन के दौरान व्हीलचेयर का उपयोग करने की सलाह दी गई है.
इस बीच प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े सहित परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
उधर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित लगातार पुलिस निगरानी को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट 20 जुलाई को सुनवाई करेगा. याचिका में प्रदर्शनकारियों की निजता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं.
प्रदर्शन स्थल पर चिकित्सा दल लगातार अनशनकारियों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक भोजन न लेने की स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी जोख़िम तेज़ी से बढ़ सकते हैं, इसलिए नियमित चिकित्सकीय जांच ज़रूरी है.
Source: News Agencies
