By: The Trek News Desk
मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 की दोबारा आयोजित परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल नहीं हुए. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मूल परीक्षा की तुलना में री-एग्ज़ाम में 2.7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी, जो अब तक का सबसे बड़ा अनुपस्थिति आंकड़ा बताया जा रहा है.
NEET-UG की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इसे 12 मई को रद्द कर दिया था. मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है. इसके बाद परीक्षा का दोबारा आयोजन 21 जून को किया गया.
NTA के आंकड़ों के मुताबिक, री-एग्ज़ाम में कुल 19,99,895 उम्मीदवार शामिल हुए, जबकि पहली परीक्षा में 22.05 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था. री-एग्ज़ाम का परिणाम 16 जुलाई को घोषित किया गया, जिसमें NTA ने बताया कि 11.21 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है.
NEET-UG 2026 के लिए कुल 22.79 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जो पिछले साल के 22.76 लाख रजिस्ट्रेशन के मुकाबले लगभग समान रहा. हालांकि, दोबारा आयोजित परीक्षा में केवल 19.99 लाख अभ्यर्थी ही पहुंचे, जबकि 2,79,848 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे.
आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान करीब 2.30 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा नहीं दी थी. इस बार अनुपस्थिति का आंकड़ा उससे भी अधिक रहा.
मूल परीक्षा में 22.05 लाख उम्मीदवारों की उपस्थिति दर्ज की गई थी, जो कुल पंजीकृत उम्मीदवारों का लगभग 96.72 प्रतिशत था. वहीं री-एग्ज़ाम में उपस्थिति घटकर 87.72 प्रतिशत रह गई, जो 2020 के बाद दूसरी सबसे कम उपस्थिति दर है.
NEET-UG देश की सबसे बड़ी स्नातक स्तर की प्रवेश परीक्षा है. हर साल लगभग 25 लाख उम्मीदवार इसमें शामिल होने के लिए आवेदन करते हैं. इस परीक्षा का आयोजन NTA द्वारा देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए किया जाता है.

MBBS पाठ्यक्रम के लिए देश में लगभग 1.08 लाख सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें करीब 56 हजार सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में और लगभग 52 हजार सीटें निजी संस्थानों में हैं. इसके अलावा डेंटल, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भी NEET-UG के अंकों का इस्तेमाल किया जाता है.
पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में NEET-UG परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित किया जा सकता है.
शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच कई वर्षों से इस बात पर चर्चा चल रही है कि NEET-UG को पेन-पेपर मोड में जारी रखा जाए या ऑनलाइन माध्यम में बदला जाए. हालिया विवाद के बाद ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली को लेकर विचार-विमर्श तेज़ हो गया है.
Source: News Agencies
