‘पारंपरिक व्यंजन की रेसिपी बहुओं को सिखाएं’, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के बयान पर छिड़ा विवाद

By: The Trek News Desk

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिया गया बयान राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है. पारंपरिक व्यंजनों और सांस्कृतिक विरासत को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर कई लोगों ने आपत्ति जताते हुए इसे लैंगिक पूर्वाग्रह को बढ़ावा देने वाला बताया है.

शनिवार, 25 जुलाई 2026 को चेंगन्नूर में आयोजित पंपा साहित्य महोत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक कला, संस्कृति और खानपान की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना ज़रूरी है.

उन्होंने कहा कि पहले की पीढ़ियां अपनी पारंपरिक विधियां आगे बढ़ाती थीं, लेकिन अब यह परंपरा कमज़ोर होती जा रही है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई माताएं अपनी ख़ास रेसिपी परिवार के अन्य सदस्यों को नहीं सिखातीं. उनका सुझाव था कि ऐसी पारंपरिक रेसिपी बच्चों या बहुओं को सिखाई जानी चाहिए ताकि वे आने वाले समय में भी सुरक्षित रह सकें.

मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि आज स्कूलों में ऐसे पाठ पढ़ाए जा रहे हैं जिनमें घरेलू कामों को केवल महिलाओं की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी की साझा ज़िम्मेदारी बताया जाता है. ऐसे समय में इस तरह की टिप्पणी उचित संदेश नहीं देती.

प्रसिद्ध लेखिका एस. सरदाकुट्टी ने भी मुख्यमंत्री के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह सोच पारंपरिक लैंगिक भूमिकाओं को मज़बूत करती है. उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज बदल रहा है, लेकिन इस तरह के बयान उस बदलाव के अनुरूप नहीं दिखाई देते.

मुख्यमंत्री के बयान को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज़ हो गई है. एक पक्ष इसे केवल सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने की अपील मान रहा है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां घरेलू ज़िम्मेदारियों को महिलाओं से जोड़ने वाली पुरानी सोच को बढ़ावा देती हैं.

Source: News Agencies

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