ऑस्ट्रेलिया में H5N1 बर्ड फ्लू का पहला मामला, दुनिया के सभी महाद्वीपों तक पहुंचा वायरस

By: The Trek News Desk

ऑस्ट्रेलिया में पहली बार खतरनाक H5N1 बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि हुई है. देश के कृषि मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस संक्रमण के सामने आने के बाद यह वायरस अब दुनिया के सभी महाद्वीपों में पहुंच चुका है.

ऑस्ट्रेलिया की कृषि मंत्री जूली कॉलिन्स ने शनिवार को बताया कि यह संक्रमण पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के एक प्रवासी समुद्री पक्षी में पाया गया है. संक्रमित पक्षी एक ब्राउन स्कुआ था, जिसे एस्पेरेंस शहर के पास स्थित केप ले ग्रैंड नेशनल पार्क के एक समुद्र तट से बरामद किया गया था. यह स्थान पर्थ से करीब 700 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है.

अब तक ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसा महाद्वीप था जहां H5N1 स्ट्रेन की मौजूदगी दर्ज नहीं हुई थी. इस वायरस के देश में पहुंचने के बाद जंगली पक्षियों और पालतू मुर्गियों में संक्रमण फैलने को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है.

कृषि मंत्री कॉलिन्स ने कहा कि लंबे समय तक देश को बर्ड फ्लू से पूरी तरह मुक्त रखना संभव नहीं था. उन्होंने बताया कि एक अन्य पक्षी, साउदर्न पेट्रेल, के भी संक्रमित होने की आशंका है, जिसे एस्पेरेंस के समुद्र तट पर कमज़ोर हालत में पाया गया था. हालांकि, फिलहाल बड़े पैमाने पर पक्षियों की मौत के कोई संकेत नहीं मिले हैं.

पिछले साल अक्टूबर में हिंद महासागर में स्थित ऑस्ट्रेलिया के दूरस्थ हर्ड और मैकडोनाल्ड द्वीपों पर H5N1 वायरस की मौजूदगी दर्ज की गई थी. एक हालिया अध्ययन के अनुसार, हर्ड द्वीप पर हजारों सील के बच्चों की मौत इस वायरस के कारण हुई.

अध्ययन में अनुमान लगाया गया कि करीब 17,000 सील के बच्चों में से लगभग 13,000 की मौत पिछले अगस्त से H5N1 संक्रमण के कारण हुई, जो कुल संख्या का 75 प्रतिशत से अधिक है. शोधकर्ताओं ने पेंगुइन की आबादी में भी अपेक्षा से अधिक मौतें दर्ज कीं.

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वायरस प्रवासी पक्षियों के ज़रिए फ्रांस के क्रोजेट द्वीप समूह से हर्ड द्वीप तक पहुंचा होगा, जो लगभग 1,800 किलोमीटर दूर स्थित है.

बर्ड फ्लू एक वायरल बीमारी है जो मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करती है, लेकिन कुछ मामलों में यह अन्य जानवरों जैसे लोमड़ी, सील में भी फैल सकती है.

दुनिया भर में जंगली पक्षियों के बीच फैल रहा प्रमुख स्ट्रेन H5N1 है, जिसकी पहचान सबसे पहले 1990 के दशक के अंत में चीन में हुई थी. प्रवासी पक्षियों के कारण यह वायरस अलग-अलग देशों में पहुंचा और कई बार घरेलू पक्षियों में बड़े संक्रमण का कारण बना.

इंसानों में H5N1 संक्रमण के मामले बेहद दुर्लभ हैं और आमतौर पर यह बीमार या संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने से होता है.

Source: News Agencies

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