By: The Trek News Desk
मध्य पूर्व में तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी नौसैनिक उपस्थिति और मज़बूत कर दी है. अमेरिकी सेना का एक और विमानवाहक पोत ईरान के नज़दीक तैनाती क्षेत्र में पहुंच गया है, जिससे इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी विमानवाहक पोतों की संख्या तीन हो गई है.
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, USS George H.W. Bush अब हिंद महासागर के उस क्षेत्र में पहुंच चुका है, जिसे मध्य पूर्वी ऑपरेशनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है.
हालांकि, इस तैनाती का औपचारिक उद्देश्य पूरी तरह साफ नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कदम क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और संभावित खतरों पर नज़र रखने के लिए उठाया गया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना की कई इकाइयाँ पहले से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के आसपास सक्रिय हैं और ईरानी बंदरगाहों तक पहुंच को नियंत्रित करने या निगरानी करने में शामिल रही हैं. यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी सैन्य तैनाती क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती है, हालांकि अमेरिका की ओर से इसे रूटीन सुरक्षा और निगरानी मिशन का हिस्सा बताया जा रहा है.
Source: News Agencies
