By: The Trek News Desk
यूरोपीय संघ (ईयू) और ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार, 24 मार्च 2026 को लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के अंतिम मसौदे पर सहमति जता दी. इस ऐतिहासिक समझौते पर ऑस्ट्रेलिया की संसद भवन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने हस्ताक्षर किए.
यह समझौता 2018 में शुरू हुई लंबी वार्ताओं के बाद संभव हो पाया है. बीच में बातचीत उस समय अटक गई थी, जब ऑस्ट्रेलिया ने अपने रेड मीट के लिए अधिक बाज़ार पहुंच की मांग की थी और यूरोपीय नामों जैसे ‘प्रोसेको’ के उपयोग को लेकर भी विवाद सामने आया था.
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने इसे दोनों पक्षों के रिश्तों में एक अहम पड़ाव बताते हुए कहा कि यह समझौता आठ वर्षों की बातचीत का नतीजा है और भविष्य में व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देगा.
समझौते के तहत, ऑस्ट्रेलिया के उत्पादकों को ‘प्रोसेको’ नाम का उपयोग निर्यात में 10 वर्षों के भीतर बंद करना होगा, क्योंकि यह नाम पारंपरिक रूप से इटली के स्पार्कलिंग वाइन से जुड़ा है. वहीं, यूरोपीय संघ ऑस्ट्रेलिया के रेड मीट के लिए 30,600 मीट्रिक टन का टैरिफ कोटा खोलेगा, जिसमें से 55 प्रतिशत पर कोई शुल्क नहीं लगेगा.
इसके अलावा, इस समझौते से ईयू को महत्वपूर्ण कच्चे संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी.
दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते के साथ-साथ एक नई रक्षा साझेदारी की भी घोषणा की, जिससे सैन्य सहयोग को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, ऑस्ट्रेलिया को ईयू के रिसर्च और इनोवेशन प्रोग्राम ‘होराइजन यूरोप’ में सहयोगी सदस्य बनाने की दिशा में भी बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब ईयू और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही चीन पर अपनी आर्थिक निर्भरता कम करने और वैश्विक व्यापार में विविधता लाने की दिशा में कोशिशें कर रहे हैं.
Source: News Agencies
