By: The Trek News Desk
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) से जुड़े ताज़ा विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि आयोग के एक पत्र पर बीजेपी केरल इकाई की मुहर मिलना इस बात का संकेत है कि पर्दे के पीछे से कौन संस्था को नियंत्रित कर रहा है.
दरअसल, 23 मार्च को एक राजनीतिक विवाद तब खड़ा हो गया जब चुनाव आयोग के एक आधिकारिक पत्र पर बीजेपी की मुहर देखी गई. इस घटनाक्रम को लेकर ममता बनर्जी ने इसे “सिर्फ एक गलती नहीं, बल्कि साज़िश” करार दिया. उन्होंने आयोग के उस स्पष्टीकरण को भी खारिज किया जिसमें इसे मानवीय त्रुटि बताया गया था.
कोलकाता एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “अब यह साफ हो गया है कि आयोग के पीछे कौन काम कर रहा है. यह घटना लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है.”
ममता बनर्जी ने आगे विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यह समय विचारधाराओं से ऊपर उठकर लोकतंत्र की रक्षा करने का है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के माध्यम से देश में एक-दलीय शासन थोपने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने कहा, “चाहे कोई दल वामपंथी हो या दक्षिणपंथी, सभी को मिलकर इस स्थिति का विरोध करना चाहिए ताकि देश में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित हो सकें.”
मुख्यमंत्री आज उत्तर बंगाल के बागडोगरा के लिए रवाना हुईं, जहां से वह अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगी.
Source: News Agencies
