हुनर हाट के समापन पर स्वदेशी अपनाने का संकल्प: विद्यार्थियों की आत्मनिर्भरता को मिला बल

By: प्रेरणा भारती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “स्वदेशी अपनाओ, देश को आगे बढ़ाओ” के आह्वान को साकार करते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सी.सी.एस.यू.) के ललित कला विभाग में “हुनर हाट” का भव्य आयोजन किया गया. यह प्रदर्शनी दीपावली के शुभ अवसर पर आयोजित की गई, जिसमें विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी हस्तनिर्मित कलात्मक वस्तुओं का प्रदर्शन कर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया. कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला के दिशा-निर्देश और प्रोत्साहन में आयोजित इस हाट ने न केवल छात्रों की रचनात्मकता को निखारा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ. कार्यक्रम संयोजिका प्रोफेसर अलका तिवारी ने बताया कि यह प्रयास देश की आर्थिक मजबूती और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को प्रोत्साहित करने का माध्यम बना.

हुनर हाट में विद्यार्थियों ने मैक्रेमे डोरी से बने उपयोगी और आकर्षक उत्पादों का प्रदर्शन किया, जिनमें टेबल स्टूल, बैग, वॉल हैंगिंग, मिरर बास्केट, टेबल मैट्स, हैंगिंग लैंप, मैट्स और पोशाकें शामिल रहीं. इसके अलावा, कागज की लुगदी से बने बर्तन, हाथ से पेंट की गई साड़ियां, रंगोली डिजाइन, चूड़ियां और मैक्रेमे डोरी से बने झूले जैसी पारंपरिक कलाकृतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं. लोगों का इन उत्पादों की ओर जबरदस्त रुझान देखा गया. सैकड़ों दर्शकों ने खरीदारी की, जबकि कई ने कस्टम ऑर्डर बुक कराए. इससे विद्यार्थियों को न केवल आर्थिक लाभ मिला, बल्कि रोजगार के अवसर भी खुले. एक विद्यार्थी ने कहा, “यह हाट हमें अपनी कला से आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देता है.” अनेक महाविद्यालयों और विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने भारी संख्या में भाग लिया, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण रहा.

समापन समारोह मुख्य अतिथि विश्वेश्वरैया विश्वविद्यालय, दादरी के कुलसचिव श्री अमित मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ. बतौर अतिविशिष्ट अतिथि समाजसेविका अनुभूति चौहान, माहेश्वरी समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू महेश्वरी, लेखिका-कवयित्री डॉ. चुन्नी रस्तोगी तथा डॉ. विवेक शर्मा उपस्थित रहे. अतिथियों ने विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा की सराहना की और स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया. श्री अमित मोदी ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को सशक्त बनाते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं. अनुभूति चौहान ने महिलाओं की सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को प्रोत्साहित किया.

कार्यक्रम में आयोजन मंडल के शिक्षकों और विद्यार्थियों को उनके योगदान के लिए प्रमाण-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. प्रोफेसर अलका तिवारी ने मुख्य अतिथियों के साथ उपस्थितजनों को स्वदेशी अपनाने और देश को सशक्त बनाने की शपथ दिलाई. उन्होंने कहा, “स्वदेशी से ही हम सशक्त बन सकते हैं. यह हाट विद्यार्थियों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है.” शपथ ग्रहण के दौरान सभी ने संकल्प लिया कि वे दीपावली पर पर्यावरण अनुकूल और स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करेंगे.

कार्यक्रम में डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ, डॉ. शालिनी धामा, दीपांजलि, कृतिका और खालिद का विशेष सहयोग रहा. प्रो. अलका तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि यह आयोजन विभाग की वार्षिक गतिविधियों का हिस्सा है, जो छात्रों को व्यावसायिक कौशल सिखाता है. हुनर हाट ने न केवल सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया, बल्कि युवाओं में उद्यमिता की भावना जगाई. विश्वविद्यालय ऐसे प्रयासों से छात्रों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दे रहा है. समापन मिठाई वितरण और सामूहिक फोटो सेशन के साथ हुआ, जहां सभी ने दीपावली की शुभकामनाएं दीं. यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत अभियान का उत्कृष्ट उदाहरण बना.

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