सूर्यकुमार यादव ने अपनी मैच फीस पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और सशस्त्र बलों को दान करने का किया ऐलान

By: The Trek News Desk

कप्तान ने कहा – “हमारे असली विजेता हमारी सेना और शहीद हैं”

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एशिया कप में मिली जीत के तुरंत बाद एक मानवीय और भावुक फैसला लेते हुए घोषणा की कि वह इस पूरे टूर्नामेंट की मैच फीस भारतीय सशस्त्र बलों और अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों को दान करेंगे.

सोशल मीडिया पर अपने संदेश में यादव ने लिखा:

“मैंने फैसला किया है कि एशिया कप की मेरी पूरी मैच फीस हमारे बहादुर सैनिकों और पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए दान करूंगा. वे हमेशा मेरे विचारों में रहते हैं.”

मैदान पर सिर्फ क्रिकेट नहीं, एक सख्त संदेश भी

सूर्यकुमार यादव ने इस टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से तीन बार हाथ मिलाने से इनकार किया, ग्रुप स्टेज, सुपर 4 और फाइनल के बाद. यह कदम प्रतीकात्मक रूप से भारत की उस सख्त नीति को दर्शाता है, जो दुश्मन देशों द्वारा की गई आतंकी घटनाओं के खिलाफ एक स्पष्ट रुख रखती है.

पहले भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बाद, जो भारत ने सात विकेट से जीता था, यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था:

“यह सही समय है कि हम पहलगाम हमले के पीड़ितों और हमारे सशस्त्र बलों के साथ अपनी एकजुटता दिखाएं. यह जीत मैं उन सभी बहादुर सैनिकों को समर्पित करता हूं जिन्होंने दुश्मन के सामने डटकर मुकाबला किया. उम्मीद है हम मैदान पर ऐसे ही प्रदर्शन कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाते रहेंगे.”

ट्रॉफी नहीं मिली, लेकिन असली विजेता हमारे जवान

एशिया कप फाइनल के बाद एक और विवाद सामने आया जब भारत ने एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकवी खुद ट्रॉफी और व्यक्तिगत पदक लेकर वापस चले गए.

इस पर सूर्यकुमार यादव ने कहा:

“मैंने आज तक ऐसा नहीं देखा कि एक विजेता टीम को ट्रॉफी ही नहीं दी गई. लेकिन हमारे लिए असली ट्रॉफी वो 14 साथी हैं, जिन्होंने इस टीम को यहां तक पहुंचाया. मेरे लिए वही असली विजेता हैं और वे हमेशा मेरी यादों में रहेंगे.”

पाक कप्तान की नाराज़गी

पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने भारतीय टीम के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सूर्यकुमार यादव ने टूर्नामेंट की शुरुआत में उनसे हाथ मिलाया था, लेकिन बाद में सार्वजनिक रूप से ऐसा करने से परहेज़ किया.

“शायद वह किसी निर्देश का पालन कर रहे हैं, जो ठीक है. लेकिन पूरी दुनिया के सामने उन्होंने हाथ नहीं मिलाया, जो एक गलत संदेश देता है,” आगा ने फाइनल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा.

तीन मुकाबले, तीन जीत जवाब सिर्फ बल्ले से नहीं

भारत ने इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान को तीन बार हराया, ग्रुप स्टेज, सुपर फोर और फाइनल में. इन मुकाबलों की पृष्ठभूमि में अप्रैल में हुआ वह आतंकी हमला था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था.

भारत ने इसके बाद सीमा पार सख्त सैन्य कार्रवाई की थी, और अब मैदान पर भी जवाब देकर टीम ने अपने देश की भावनाओं को जीत में बदल दिया.

Source: News Agencies

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