विटकॉफ़ और कुश्नर की पुतिन से होगी मुलाक़ात; यूक्रेन युद्ध पर शांति वार्ता तेज़

By: The Trek News Desk

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और दामाद जैरेड कुश्नर मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात करने पहुँचे. लक्ष्य, लगभग चार साल से जारी यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के संभावित रास्तों पर चर्चा.

अमेरिका की ड्राफ्ट शांति योजना से यूरोप चिंतित

पिछले हफ्ते 28 बिंदुओं वाली एक अमेरिकी ड्राफ्ट शांति योजना लीक हुई थी, जिसने यूक्रेनी व यूरोपीय अधिकारियों को असहज कर दिया. उनका कहना है कि इस मसौदे में रूस की प्रमुख मांगों-

  • यूक्रेन की NATO सदस्यता पर स्थायी रोक,
  • यूक्रेन की सेना पर सीमाएँ,
  • रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों पर मास्को का नियंत्रण-
    को अत्यधिक महत्व दिया गया है.

इसके बाद यूरोपीय देशों ने अपनी अलग प्रस्तावना पेश की, और जिनेवा में हुई बैठकों में अमेरिका व यूक्रेन ने दावा किया कि एक “अपडेटेड और परिष्कृत शांति ढांचा” तैयार कर लिया गया है.

पुतिन का संकेत, “कुछ आधार बन सकता है”

पुतिन ने कहा है कि वर्तमान बातचीत किसी औपचारिक समझौते पर नहीं, बल्कि प्रस्तावों की शुरुआती रूपरेखा पर है, जो भविष्य के समझौते की नींव बन सकती है.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पुष्टि की कि पुतिन मंगलवार को विटकॉफ़ से मिलेंगे, लेकिन रूस की “रेड लाइन्स” पर टिप्पणी करने से इनकार किया.

इंटरफ़ैक्स के अनुसार विटकॉफ़ का Bombardier Global 7500 विमान मंगलवार को मॉस्को पहुँच चुका था. विमान मियामी से उड़ा था और उसी से यह यात्रा की जा रही है.

रूस की चेतावनी, “समझौता नहीं हुआ तो और आगे बढ़ेंगे”

पुतिन का कहना है कि रूस शांति पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन यदि यूक्रेन समझौते से इनकार करता है, तो रूस अपनी सैन्य कार्रवाई को और आगे बढ़ाएगा.

रूस वर्तमान में यूक्रेन के 19% से अधिक क्षेत्र पर नियंत्रण रखता है और 2025 में उसकी प्रगति 2022 के बाद सबसे तेज़ रही है.

युद्ध का असर: लाखों हताहत, शहर तबाह

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक युद्ध में 12 लाख से अधिक सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं. संघर्ष ने यूक्रेन के कई शहरों को खंडहर में बदल दिया और लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा.

यूरोप की चिंता, “रूस को पुरस्कृत न करें”

यूरोपीय नेताओं का मानना है कि यदि अमेरिका रूस की शर्तों के करीब जाता है तो इससे-

  • रूस को तेल, गैस और खनिज क्षेत्रों में अमेरिकी निवेश का रास्ता मिलेगा,
  • और मॉस्को की G8 में वापसी संभव हो सकती है.

यूक्रेन का कहना है कि रूस की मांगों को मानना आत्मसमर्पण होगा और भविष्य में रूस के लिए यूक्रेन को पूरी तरह निगलने का रास्ता खोल देगा.

मियामी में यूक्रेन से बातचीत

विटकॉफ़, कुश्नर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को मियामी के शेल बे क्लब में यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद प्रमुख रुस्तम उमेरोव से मुलाक़ात की.

पेरिस में हुई अपनी बातचीत के बाद राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा, “हमारी साझा राय है कि युद्ध का अंत न्यायपूर्ण होना चाहिए. रूस को उसके आक्रमण के बदले में कोई इनाम नहीं मिलना चाहिए.”

नतीजा क्या निकलेगा?

यूरोप और यूक्रेन दोनों का मानना है कि रूस की सैन्य महत्वाकांक्षाओं को रोकना ज़रूरी है, जबकि रूस दावा करता है कि NATO को चुनौती देना उसकी सुरक्षा की मांग है.

फिलहाल दुनिया की नज़र इस पर टिकी है कि विटकॉफ़–कुश्नर–पुतिन वार्ता आने वाले हफ्तों में किसी वास्तविक शांति प्रक्रिया का रूप ले पाती है या नहीं.

Source: News Agencies

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