लोकसभा परिसर में राहुल गांधी लेकर पहुंचे पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की ‘अप्रकाशित किताब’

By: The Trek News Desk

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार, 4 फरवरी 2026, को संसद परिसर में पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की कथित अप्रकाशित ‘स्मृतिग्रंथ’ की प्रति दिखाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में आते हैं, तो वह पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ की एक प्रति उन्हें ख़ुद सौंपेंगे.

मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने दावा किया कि इस कथित किताब में पूर्वी लद्दाख में वर्ष 2020 के भारत-चीन सैन्य गतिरोध से जुड़े अहम फैसलों का उल्लेख है, जो सरकार के दावों की “असल सच्चाई” सामने लाते हैं. इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों के लगातार नारेबाज़ी करने से लोकसभा की कार्यवाही दिनभर बार-बार स्थगित करनी पड़ी.

बताया जा रहा है कि इस अप्रकाशित पुस्तक में चीन के साथ 2020 के सैन्य टकराव के दौरान लिए गए फैसलों, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के साथ तत्कालीन सेना प्रमुख की बातचीत का जिक्र है. राहुल गांधी ने कहा, “सरकार कहती है कि यह किताब मौजूद नहीं है, स्पीकर कहते हैं कि यह किताब नहीं है, रक्षा मंत्री भी यही कहते हैं. लेकिन यह जनरल नरवणे की किताब है, जिसमें लद्दाख की पूरी कहानी लिखी गई है. मुझे कहा गया कि मैं इस किताब का हवाला नहीं दे सकता.”

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर ज़िम्मेदारी निभाने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनरल नरवणे ने खुद लिखा है कि उस समय वह खुद को अकेला और पूरे तंत्र से अलग-थलग महसूस कर रहे थे.

उन्होंने यह भी कहा, “मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री आज लोकसभा आने का साहस करेंगे, क्योंकि अगर वह आए, तो मैं खुद जाकर उन्हें यह किताब दूंगा, ताकि देश सच्चाई जान सके.”

लोकसभा में बार-बार स्थगन के बीच राहुल गांधी सहित कई कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में ‘PM is compromised’ लिखे पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया. इस विरोध में वे सांसद भी शामिल थे, जिन्हें एक दिन पहले “अशोभनीय व्यवहार” के आरोप में बजट सत्र की बची अवधि के लिए निलंबित किया गया था.

इसी दौरान रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और राहुल गांधी के बीच तीखी बहस हो गई. राहुल गांधी ने बिट्टू को “गद्दार” कहते हुए तंज कसा, जो 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे.

राहुल गांधी ने कहा, “यहां एक गद्दार गुज़र रहा है, चेहरा देखिए,” और हाथ मिलाने की पेशकश करते हुए बोले, “चिंता मत करो, वापस आ जाओगे.”

हालांकि, रवनीत सिंह बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार करते हुए राहुल गांधी को “देश का दुश्मन” बताया.

पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने 2020 के चीन सीमा तनाव से जुड़े कथित अंशों को इस अप्रकाशित किताब से उद्धृत करने पर ज़ोर दिया. इन अंशों को एक पत्रिका में प्रकाशित किए जाने का दावा किया गया था. सोमवार, 2 फरवरी 2026, को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान इसी मुद्दे पर लोकसभा की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई थी.

गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्पीकर से आग्रह किया कि अप्रकाशित किताब का हवाला देने की इजाज़त न दी जाए. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियम 349(i) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि सदन में किसी भी पुस्तक या लेख को, जब तक वह सदन के कार्य से सीधे जुड़ा न हो, उसका हवाला नहीं दिया जा सकता.

Source: News Agencies

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