राष्ट्रपति की मंज़ूरी के बाद अमरावती को मिला आंध्र प्रदेश की राजधानी का कानूनी दर्जा

By: The Trek News Desk

आंध्र प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंज़ूरी दिए जाने के बाद अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता मिल गई है. यह फैसला लंबे समय से चल रही मांग को पूरा करने वाला अहम कदम माना जा रहा है.

इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे राज्य के लोगों के वर्षों पुराने सपने के साकार होने जैसा बताया. उन्होंने केंद्र सरकार, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग और मार्गदर्शन की भी सराहना की, जिसकी वजह से यह विधेयक सफल हो पाया.

मुख्यमंत्री ने संसद सदस्यों, राज्य के नेताओं और आम जनता का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई. उन्होंने ख़ास तौर पर अमरावती क्षेत्र के किसानों के त्याग और समर्थन को इस उपलब्धि का प्रमुख आधार बताया और इसे “जनता की जीत” करार दिया.

वहीं, राज्य के शिक्षा और आईटी मंत्री नारा लोकेश ने भी इस दिन को ऐतिहासिक बताया. उनके अनुसार, राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ अमरावती को राजधानी बनाने का सपना अब हकीकत में बदल गया है. उन्होंने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सांसदों के योगदान की सराहना करते हुए किसानों के धैर्य और संघर्ष को याद किया.

Source: News Agencies

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