पंजाब के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर रिश्वतखोरीके मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

By: The Trek News Desk

पंजाब के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (रोपड़ रेंज) हरचरण सिंह भुल्लर को चंडीगढ़ स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. भुल्लर, जो 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, उन पर करोड़ों रुपये की रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. उन्हें गुरुवार को सीबीआई द्वारा एक ट्रैप ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया था.

अदालत में पेशी और न्यायिक हिरासत

भुल्लर को मेडिकल जांच के बाद विशेष न्यायाधीश सुशील कुमार गर्ग की अदालत में पेश किया गया. उनके साथ सह-आरोपी और कथित बिचौलिया किर्शनु शारदा को भी सख्त सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया. कोर्ट में पेश होते समय भुल्लर ने चेहरा रूमाल से ढक रखा था, जिसे न्यायाधीश ने हटाने का निर्देश दिया.

सीबीआई की ओर से बताया गया कि प्रारंभिक पूछताछ पूरी हो चुकी है और अब पुलिस रिमांड की ज़रूरत नहीं है. वहीं, भुल्लर के वकील एच.एस. ढनोआ ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल को जानबूझकर फंसाया गया है और उन्हें कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिनके लिए नियमित दवा की आवश्यकता है. अदालत ने इस पर जेल प्रशासन को उचित इलाज और दवाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया.

अब भुल्लर और शारदा को 31 अक्टूबर तक बुरैल जेल में रखा जाएगा.

कैसे हुआ भुल्लर का भंडाफोड़?

गुरुवार को चंडीगढ़ में सीबीआई ने एक ट्रैप ऑपरेशन के तहत किर्शनु शारदा को ₹8 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. यह रिश्वत मंडी गोबिंदगढ़ के एक स्क्रैप व्यापारी, आकाश बत्रा, की ओर से दी गई थी. बत्रा ने 11 अक्टूबर को सीबीआई को शिकायत दी थी कि भुल्लर उनसे हर महीने ₹5 लाख की “सेवा-पानी” की मांग कर रहे हैं. यह मांग 2023 में सरहिंद पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर को निपटाने और उनके व्यापार में हस्तक्षेप से बचाने के एवज में की जा रही थी.

करोड़ों की बरामदगी और संपत्ति का खुलासा

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भुल्लर के चंडीगढ़ (सेक्टर-40) स्थित आवास समेत पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर करीब 21 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान मिली संपत्तियों ने सबको चौंका दिया:

  • ₹5 करोड़ से अधिक नकद (कुछ रिपोर्टों में यह आंकड़ा ₹7.5 करोड़ तक बताया गया है)
  • 1.5 किलोग्राम सोने के आभूषण, जिसकी कीमत लगभग ₹1.9 करोड़
  • 15 से अधिक अचल संपत्तियों के दस्तावेज
  • मर्सिडीज और ऑडी जैसी लग्जरी कारों की चाबियां
  • 22 महंगी घड़ियां
  • 40 लीटर विदेशी शराब
  • डबल बैरल गन, रिवॉल्वर, पिस्टल और कारतूस सहित कई हथियार

नकदी को सूटकेस और बैगों में ₹500 के नोटों में छिपाकर रखा गया था.

पुलिस महकमे में हलचल

भुल्लर राज्य पुलिस के भीतर एक प्रभावशाली अधिकारी रहे हैं. वे पहले पटियाला रेंज के डीआईजी, विजिलेंस ब्यूरो के संयुक्त निदेशक और मोहाली, संगरूर और होशियारपुर के एसएसपी जैसे अहम पदों पर तैनात रह चुके हैं. वे शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ ड्रग केस की जांच करने वाली एसआईटी का भी हिस्सा रहे हैं.

इस घटना ने पंजाब पुलिस में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी कहा है कि यह मामला सिस्टम में जवाबदेही को लेकर एक कड़ी चेतावनी है.

जांच अभी जारी है

सीबीआई अधिकारियों ने बताया है कि अभी मामले की जांच जारी है और जब्त सामग्री का फॉरेंसिक ऑडिट चल रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, जल्द ही एक पूरक आरोप पत्र भी दाखिल किया जा सकता है.

न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, हम हर सवाल का जवाब देंगे,” कोर्ट से बाहर निकलते समय हरचरण भुल्लर ने पत्रकारों से कहा. उन्होंने सभी आरोपों को “झूठा और प्रेरित” बताया.

Source: News Agencies

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