By: The Trek News Desk
दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री किम मिन-सोक और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वॉशिंगटन में हुई मुलाकात के दौरान उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ संभावित वार्ता दोबारा शुरू करने के मुद्दे पर बातचीत हुई. दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी ने शनिवार (14 मार्च 2026) को यह जानकारी दी.
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री किम मिन-सोक ने राष्ट्रपति ट्रंप से कहा कि पश्चिमी देशों में ट्रंप ही ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ सीधे संवाद किया है. उन्होंने यह भी कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप से जुड़े जटिल मुद्दों के समाधान में ट्रंप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, किम मिन-सोक ने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उनसे यह जानने की इच्छा जताई कि क्या उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन अमेरिका या व्यक्तिगत रूप से ट्रंप के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. ट्रंप ने इस विषय पर उनकी राय भी पूछी.
हालांकि किम मिन-सोक ने यह साफ नहीं किया कि उन्होंने ट्रंप को क्या ख़ास सुझाव दिए, लेकिन उन्होंने बताया कि प्योंगयांग की हालिया टिप्पणियों से यह संकेत मिलता है कि उत्तर कोरिया अमेरिका के साथ संवाद के लिए खुला हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर ट्रंप ने काफी रुचि दिखाई.
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच 2018 और 2019 में तीन बार ऐतिहासिक बैठकें हुई थीं, जिनका उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों में सुधार लाना और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को ख़त्म करने के लिए रास्ता तलाशना था. हालांकि ट्रंप के सत्ता से बाहर होने के बाद यह बातचीत प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी.

दक्षिण कोरिया के एक अधिकारी ने शुक्रवार (13 मार्च) को किम मिन-सोक और ट्रंप के बीच हुई बैठक की पुष्टि की, लेकिन इसके बारे में अन्य जानकारी साझा नहीं की गई. वहीं सियोल स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
व्हाइट हाउस ने भी इस बैठक पर टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया. यह मुलाकात पहले से घोषित नहीं थी और यह उस बैठक के एक दिन बाद हुई जिसमें किम मिन-सोक ने गुरुवार (12 मार्च) को वॉशिंगटन में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस से मुलाकात की थी.
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, किम मिन-सोक ने उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस को बताया कि दक्षिण कोरियाई संसद द्वारा इस हफ्ते पारित विधेयक, जिसके तहत 350 अरब डॉलर के निवेश वादे को लागू किया जाएगा, दोनों देशों के बीच हुए समझौते के प्रति सियोल की मज़बूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
रिपोर्ट के मुताबिक, वेंस ने भी इस विधेयक के पारित होने का स्वागत किया और कहा कि इससे निवेश समझौते को लागू करने के लिए ज़रूरी कानूनी ढांचा तैयार हो गया है. उन्होंने इस मुद्दे पर दोनों सरकारों के बीच लगातार संवाद बनाए रखने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया.

इससे पहले जनवरी के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की चेतावनी दी थी. उनका कहना था कि सियोल की संसद ने अभी तक उस व्यापार ढांचे को लागू नहीं किया है जिसके तहत अमेरिकी शुल्क को 15 प्रतिशत तक सीमित रखा गया था.
दक्षिण कोरिया और अमेरिका लंबे समय से रक्षा और सुरक्षा सहयोग वाले संधि सहयोगी रहे हैं. दक्षिण कोरिया में वर्तमान में 28,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं.
मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि दक्षिण कोरिया के ओसान एयर बेस से कुछ अमेरिकी मिसाइल रक्षा बैटरियों को हटाया गया है. माना जा रहा है कि इन्हें पश्चिम एशिया में जारी तनाव के मद्देनजर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात स्थित अमेरिकी ठिकानों पर तैनात किया जा सकता है.
Source: News Agencies
