By: The Trek News Desk
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े अब तक के सबसे बड़े दस्तावेज़ी संग्रह को सार्वजनिक कर दिया है. इस रिलीज़ में करीब 30 लाख पन्ने, 1.8 लाख तस्वीरें और 2,000 वीडियो शामिल हैं. यह खुलासा उस कानून के तहत किया गया है, जिसे पिछले वर्ष लागू किया गया था और जिसके अनुसार एपस्टीन से जुड़े सभी सरकारी दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाने थे.
यह दस्तावेज़ उस समय जारी किए गए जब न्याय विभाग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित कानून की तय समय-सीमा को छह हफ्ते पीछे छोड़ चुका था. डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा कि यह रिलीज़ अमेरिकी जनता के प्रति पारदर्शिता और कानूनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की दिशा में अंतिम कदम है.
जारी दस्तावेज़ों में एपस्टीन की जेल अवधि, उसका मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, हिरासत में उसकी मौत और उसकी सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल से जुड़े जांच रिकॉर्ड शामिल हैं. मैक्सवेल को नाबालिग लड़कियों की तस्करी में मदद करने का दोषी ठहराया जा चुका है. इसके अलावा, इन फाइलों में एपस्टीन और कई प्रभावशाली वैश्विक हस्तियों के बीच हुए ईमेल संवाद भी शामिल हैं, जिनमें से कई एक दशक से अधिक पुराने हैं.
दस्तावेज़ों में ब्रिटिश शाही परिवार से जुड़े संबंधों का भी उल्लेख है. “द ड्यूक” नामक व्यक्ति के साथ एपस्टीन के ईमेल सामने आए हैं, जिन्हें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू (ड्यूक ऑफ यॉर्क) से जोड़ा जा रहा है. इन ईमेल्स में बकिंघम पैलेस में निजी डिनर और एक 26 वर्षीय रूसी महिला से मुलाकात का प्रस्ताव शामिल है. हालांकि, इनमें किसी भी गैरकानूनी गतिविधि का सीधा सबूत नहीं है. एंड्रयू पहले भी एपस्टीन से संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा किसी भी गलत काम से इनकार किया है.
कुछ ईमेल्स में एंड्रयू की पूर्व पत्नी सारा फर्ग्यूसन के संदेश भी सामने आए हैं. 2009 के एक ईमेल में उन्होंने एपस्टीन को खास और शानदार दोस्त बताते हुए उसके प्रति गर्व व्यक्त किया था. यह संवाद उस समय हुआ था जब एपस्टीन 2008 के अपराध के बाद घर में नज़रबंद था.

दस्तावेज़ों से यह भी सामने आया है कि एपस्टीन ने 2009 में लॉर्ड पीटर मंडेलसन के पति रेनाल्डो एविला दा सिल्वा को लगभग £10,000 भेजे थे. ईमेल्स में कोर्स फीस और बैंक विवरण साझा किए गए थे. मंडेलसन, जिन्हें 2024 में ब्रिटेन का अमेरिका में राजदूत नियुक्त किया गया था, बाद में पद से हटाए गए थे. उन्होंने कहा कि वे एपस्टीन के झूठ में फंस गए थे और किसी अपराध के साक्षी नहीं बने.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम इन दस्तावेज़ों में सैकड़ों बार दर्ज है. न्याय विभाग के अनुसार, ट्रंप के खिलाफ लगाए गए कई आरोप बिना सबूत के थे और 2020 के चुनाव से ठीक पहले एफबीआई को भेजे गए थे. व्हाइट हाउस और DOJ ने स्पष्ट किया कि यदि इन आरोपों में कोई सच्चाई होती, तो पहले ही कानूनी कार्रवाई हो चुकी होती.
टेक अरबपति एलन मस्क और एपस्टीन के बीच 2012-13 के ईमेल भी सामने आए हैं, जिनमें एपस्टीन के निजी द्वीप पर पार्टी और यात्रा की चर्चा है. हालांकि, ऐसा कोई सबूत नहीं है कि मस्क कभी उस द्वीप पर गए हों. मस्क पर इस मामले में कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं.
एपस्टीन द्वारा लिखे गए कुछ ड्राफ्ट ईमेल्स में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स पर गंभीर आरोप लगाए गए थे. गेट्स के प्रवक्ता ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया और कहा कि यह एपस्टीन की बदनाम करने की कोशिश को दर्शाता है.
हालांकि न्याय विभाग का कहना है कि दस्तावेज़ जारी करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन डेमोक्रेट सांसदों का दावा है कि अब भी करीब 25 लाख फाइलें रोकी गई हैं. कांग्रेसमैन रो खन्ना ने कहा कि वे इस मामले की गहन समीक्षा करेंगे. कानून के अनुसार, दस्तावेज़ों में की गई कटौती केवल पीड़ितों की सुरक्षा या चल रही जांच के कारण ही हो सकती है.
कई वर्षों से यह आरोप लगता रहा है कि एपस्टीन से जुड़े प्रभावशाली लोगों को बचाया गया. हालांकि DOJ का कहना है कि जारी फाइलों में ऐसे किसी व्यक्ति का नाम नहीं है, जिसके खिलाफ ठोस सबूतों के आधार पर मुकदमा चलाया जा सके. विभाग के अनुसार, यदि ऐसे नाम होते, तो कानूनी कार्रवाई ज़रूर की जाती.
Source: News Agencies
