By: The Trek News Desk
ग़ज़ा पट्टी में शनिवार को इसराइल द्वारा किए गए हवाई हमलों में कम से कम 28 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. स्थानीय आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. फिलिस्तीनी नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि दक्षिणी शहर खान यूनिस में एक हमले के दौरान विस्थापित लोगों को शरण देने वाले एक टेंट को हेलीकॉप्टर से निशाना बनाया गया.
स्थानीय लोगों ने इन हमलों को अक्टूबर में लागू हुए संघर्षविराम के दूसरे चरण के बाद अब तक का सबसे भारी हमला बताया है. यह संघर्षविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से तय हुआ था.
इसराइली सेना ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई शुक्रवार को हुए एक कथित समझौता उल्लंघन के जवाब में की गई. इसराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के अनुसार, पूर्वी रफ़ा क्षेत्र में भूमिगत ढांचे से बाहर निकलते हुए आठ संदिग्ध आतंकियों की पहचान की गई थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई.
IDF ने कहा कि इसराइली सुरक्षा एजेंसी के साथ मिलकर ग़ज़ा के विभिन्न इलाकों में हमले किए गए, जिनमें चार कमांडरों, अन्य लड़ाकों, हथियार भंडारण केंद्रों, हथियार बनाने की जगह और मध्य ग़ज़ा में हमास से जुड़े दो लॉन्च स्थलों को निशाना बनाया गया.
वहीं, हमास ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए अमेरिका से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. संगठन ने आरोप लगाया कि इसराइल संघर्षविराम का लगातार उल्लंघन कर रहा है और ग़ज़ा के खिलाफ “निर्दय सैन्य अभियान” जारी रखे हुए है.
फिलिस्तीनी नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, खान यूनिस में एक ही विस्थापित परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई. हमलों में रिहायशी इमारतों, टेंट, शरण स्थलों और एक पुलिस स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा है.
ग़ज़ा सिटी के शिफा अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि एक हवाई हमले में एक आवासीय अपार्टमेंट तबाह हो गया, जिसमें तीन बच्चों और दो महिलाओं की जान चली गई.
सोशल मीडिया और स्थानीय फुटेज में कई इलाकों में मलबे से शव निकाले जाते और इमारतों को पूरी तरह तबाह होते देखा गया.
गौरतलब है कि इसराइल और हमास के बीच युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास के हमले में दक्षिणी इसराइल में लगभग 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया. इसके जवाब में इसराइल ने ग़ज़ा में व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया.
हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक ग़ज़ा में 71,660 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. मंत्रालय का दावा है कि 10 अक्टूबर 2025 से लागू संघर्षविराम के बाद भी कम से कम 509 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि चार इसराइली सैनिकों की भी मौत हुई है. संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार संगठनों ने इन आंकड़ों को विश्वसनीय माना है.

हालांकि, इसराइल ग़ज़ा में स्वतंत्र मीडिया कवरेज की इजाज़त नहीं देता, जिससे ज़मीनी हालात की स्वतंत्र पुष्टि मुश्किल बनी हुई है.
ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब रफ़ा बॉर्डर क्रॉसिंग को रविवार से फिर से खोलने की तैयारी है. यह सीमा ग़ज़ा और मिस्र को जोड़ती है और हाल ही में इसराइल द्वारा अंतिम बंधक का शव बरामद किए जाने के बाद इसके खुलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है.
Source: News Agencies
