कुर्द नेतृत्व वाली SDF और सीरियाई सरकार में संघर्षविराम को लेकर नया समझौता

By: The Trek News Desk

सीरिया में कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) और देश की केंद्रीय सरकार के बीच एक नया समझौता हुआ है, जिसका उद्देश्य हाल ही में हुए संघर्षविराम को मज़बूत करना और दोनों पक्षों के बीच एकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है. यह समझौता शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को सार्वजनिक किया गया.

SDF की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस समझौते के तहत सीरियाई गृह मंत्रालय से जुड़ी सुरक्षा बलों को अल-हसाका और कामिशली शहरों में तैनात किया जाएगा. ये दोनों शहर लंबे समय से कुर्द बहुल क्षेत्र रहे हैं, जहां पहले सरकारी सुरक्षा बलों के प्रवेश पर रोक थी. इसके साथ ही SDF और सरकारी बलों के बीच सैन्य एकीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

समझौते में यह भी प्रावधान है कि SDF की तीन ब्रिगेड को मिलाकर एक नई सैन्य ब्रिगेड बनाई जाएगी. इसके अलावा अलेप्पो प्रांत में सरकारी सेना की एक ब्रिगेड के भीतर SDF लड़ाकों की अलग ब्रिगेड गठित की जाएगी.

कुर्द नेतृत्व वाली पूर्वोत्तर सीरिया की स्वायत्त प्रशासनिक व्यवस्था के तहत काम कर रहे स्थानीय संस्थानों और उनके कर्मचारियों को भी धीरे-धीरे सरकारी संस्थानों में शामिल किया जाएगा. यह इलाका बीते कई सालों से एक तरह से स्वायत्त रूप से संचालित हो रहा था.

SDF के बयान में कहा गया है कि इस समझौते में कुर्द समुदाय के नागरिक और शैक्षिक अधिकारों की गारंटी दी गई है, साथ ही विस्थापित लोगों की उनके मूल इलाकों में सुरक्षित वापसी का भी आश्वासन शामिल है. समझौते का उद्देश्य सीरियाई क्षेत्रों की एकता को मज़बूत करना और देश के पुनर्निर्माण के लिए सभी पक्षों के प्रयासों को एकजुट करना बताया गया है.

बाद में सीरियाई सरकार ने भी एक अलग बयान जारी कर इस समझौते की पुष्टि की. गौरतलब है कि जनवरी की शुरुआत में अलेप्पो शहर में भारी झड़पों के बाद सरकार ने पूर्वोत्तर सीरिया में SDF के नियंत्रण वाले अधिकांश इलाकों पर दोबारा कब्ज़ा कर लिया था. इससे पहले SDF और दमिश्क के बीच एकीकरण को लेकर कई दौर की बातचीत विफल रही थी.

दिसंबर 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद सीरिया के नए नेतृत्व को देश भर में अपना नियंत्रण स्थापित करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. मार्च में SDF और सरकार के बीच एक समझौता हुआ था, लेकिन वह ज़मीन पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सका.

इस बीच अमेरिका, जो लंबे समय तक इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में SDF का प्रमुख समर्थक रहा है, अब अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के नेतृत्व वाली सरकार के करीब आता दिख रहा है. हालिया संघर्ष के दौरान अमेरिका ने सैन्य हस्तक्षेप नहीं किया, लेकिन दोनों पक्षों पर समझौते का दबाव बनाया.

पिछले हफ्ते दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम हुआ था, जो अब तक काफी हद तक कायम है. शुक्रवार को हुआ यह नया समझौता उसी संघर्षविराम को स्थायी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

सीरिया के लिए अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर इस समझौते को “राष्ट्रीय मेल-मिलाप, एकता और स्थायी स्थिरता की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धि” बताया. उन्होंने सीरिया में कुर्द समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि चरमपंथ के खिलाफ संघर्ष और कमजोर आबादी की सुरक्षा में उनके बलिदान अहम रहे हैं.

Source: News Agencies

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