एपस्टीन केस में हिलेरी क्लिंटन ने कहा, ‘मुझे उनके अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी’

By: The Trek News Desk

अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने हाउस ओवरसाइट कमेटी के समक्ष पेश होकर कहा है कि उन्हें दिवंगत फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन के आपराधिक कृत्यों की कोई जानकारी नहीं थी. करीब छह घंटे तक बंद कमरे में चली पूछताछ के बाद बाहर आकर उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आए. उन्होंने यह भी मांग की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी शपथ के तहत समिति के सामने बुलाया जाए, क्योंकि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में उनका नाम कई बार सामने आया है.

हिलेरी क्लिंटन ने अपने लिखित और मौखिक बयान में स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी एपस्टीन के निजी विमान में यात्रा नहीं की, न उसके द्वीप, घर या कार्यालय का दौरा किया. उन्होंने कहा कि उन्हें याद नहीं कि उनकी कभी सीधे तौर पर एपस्टीन से मुलाकात हुई हो. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि एपस्टीन की करीबी सहयोगी गिसलेन मैक्सवेल से उनकी कुछ सामाजिक अवसरों पर मुलाकात हुई थी. मैक्सवेल वर्ष 2010 में उनकी बेटी चेल्सी क्लिंटन की शादी में भी शामिल हुई थीं. क्लिंटन ने कहा कि नाम का किसी दस्तावेज में आना अपने आप में किसी अपराध का संकेत नहीं है.

सुनवाई के दौरान विवाद तब पैदा हो गया जब बंद कमरे में चल रही कार्यवाही की एक तस्वीर लीक हो गई. डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि कोलोराडो की रिपब्लिकन सांसद लॉरेन बोएबर्ट ने यह तस्वीर एक रूढ़िवादी सोशल मीडिया हस्ती को भेजी. बोएबर्ट ने सफाई दी कि तस्वीर कार्यवाही शुरू होने से पहले ली गई थी. इस घटनाक्रम के बाद क्लिंटन की टीम ने नियमों के उल्लंघन की आशंका जताते हुए सुनवाई को अस्थायी रूप से रुकवाया.

समिति के अध्यक्ष जेम्स कोमर  ने कहा कि क्लिंटन से कई अहम सवाल पूछे गए और उन्होंने ज्यादातर के जवाब दिए, हालांकि कुछ जवाबों से सदस्य संतुष्ट नहीं थे. उन्होंने यह भी कहा कि इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है. वहीं समिति के शीर्ष डेमोक्रेट सदस्य रॉबर्ट गार्सिया ने मांग की कि हिलेरी क्लिंटन की पूरी और बिना संपादित गवाही 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन शुक्रवार को समिति के सामने पेश होने वाले हैं. उन्होंने पहले कहा है कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी और उन्होंने दो दशक पहले उससे संबंध तोड़ लिए थे. बिल क्लिंटन का कहना है कि राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद कुछ चैरिटी कार्यक्रमों के सिलसिले में उनका संपर्क हुआ था और बाद में उन्हें इस संबंध पर खेद हुआ. गौरतलब है कि 1983 में जेराल्ड फोर्ड के बाद यह पहला मौका होगा जब कोई पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति कांग्रेस की समिति के सामने गवाही देगा.

क्लिंटन दंपति ने शुरू में समिति के समन को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया था और इसे अपने विरोधियों को शर्मिंदा करने की कोशिश बताया था. हालांकि अवमानना कार्रवाई की संभावना के चलते उन्होंने पेश होने का फैसला किया. डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों के कुछ सदस्यों ने इस जांच को लेकर तीखी बयानबाज़ी की है.

एपस्टीन की 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मौत हो गई थी. उसकी गिरफ्तारी और बाद में सामने आए न्याय विभाग के दस्तावेजों ने कई प्रभावशाली हस्तियों के साथ उसके संबंधों को उजागर किया. हालांकि अब तक किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में क्लिंटन दंपति या ट्रंप के खिलाफ प्रत्यक्ष आपराधिक आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं. फिलहाल पूरे देश की नज़रें बिल क्लिंटन की प्रस्तावित गवाही और समिति की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं.

Source: News Agencies

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