By: The Trek News Desk
ईरान में हालिया जनप्रदर्शनों को लेकर सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है. खामेनेई ने देश में हुए “जान-माल के नुकसान” के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को विदेशी ताकतों से उकसाया गया.
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, देशभर में फैले इन प्रदर्शनों और उसके बाद हुई कार्रवाई में तीन हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है. हालांकि बीते कुछ दिनों में हालात कुछ हद तक शांत होते दिखाई दे रहे हैं.
आर्थिक संकट से शुरू हुआ आंदोलन
ईरान में 28 दिसंबर को बढ़ती महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो जल्द ही सरकार और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ व्यापक आंदोलन में बदल गए. कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा शासन व्यवस्था को ख़त्म करने की मांग की.
30 दिसंबर को सामने आए वीडियो में तेहरान की सड़कों पर विश्वविद्यालय के छात्र, दुकानदार और व्यापारी एक साथ मार्च करते नज़र आए.
इंटरनेट बंदी और विदेशी साजिश के आरोप
प्रदर्शनों को दबाने के लिए ईरानी प्रशासन ने देशभर में इंटरनेट सेवाओं पर कड़ी पाबंदियां लगा दीं. इसी बीच, अपने एक संक्षिप्त संबोधन में खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को “उपद्रवी और दंगाई” करार देते हुए कहा कि वे किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं करेगा जो विदेशी ताकतों के लिए “किराए के एजेंट” की तरह काम कर रहे हों.
ट्रंप की चेतावनी और टैरिफ की धमकी
प्रदर्शनकारियों की मौत की खबरों के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा. इसके बाद 13 जनवरी को उन्होंने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की और प्रदर्शनकारियों से आंदोलन जारी रखने की अपील की.
हालांकि, हाल के दिनों में प्रदर्शन कमज़ोर पड़ते दिखे. ट्रंप ने इस बीच ईरानी नेतृत्व को कथित तौर पर “800 से अधिक फांसी की सजाएं रद्द करने” के लिए धन्यवाद भी दिया.
हजारों मौतों का दावा
स्थिति सामान्य होने के बीच अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया है कि उसने प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कुल 3,090 मौतों की पुष्टि की है, जिनमें 2,885 प्रदर्शनकारी शामिल हैं.
संचार सेवाओं की बहाली शुरू
इस बीच, ईरान ने संचार प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील देना शुरू कर दिया है. अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, आठ दिनों की लगभग पूर्ण इंटरनेट बंदी के बाद देशभर में एसएमएस सेवाएं बहाल कर दी गई हैं.
अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि सुरक्षा हालात में “स्थिरता” आने और कथित “आतंकी संगठनों” से जुड़े प्रमुख लोगों की गिरफ्तारी के बाद यह फैसला लिया गया है. सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अन्य इंटरनेट और संचार सेवाओं को भी चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा.
Source: News Agencies
