अंडमान और निकोबार स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक वैभव का भव्य प्रदर्शन

By: प्रेरणा भारती

अंडमान और निकोबार स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के अटल सभागार में साहित्यिक-सांस्कृतिक परिषद द्वारा एक दिवसीय भव्य समारोह का आयोजन किया गया. विश्वविद्यालय की माननीय कुलाधिपति एवं आदरणीया श्रीमती आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल उत्तर प्रदेश की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय परिवार ने इस दिवस को साहित्य, संस्कृति एवं लोक कलाओं की सुगंध से महकाया.

कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में हुआ तथा कार्यक्रम का रूप-रेखा एवं संयोजन साहित्यिक-सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रो. नीलू जैन गुप्ता द्वारा किया गया.

शनिवार को आयोजित इस बहुआयामी समारोह में विद्यार्थियों ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता को उत्कृष्ट रूप से प्रस्तुत किया. कार्यक्रम में लघु फिल्म प्रदर्शन, भाषण प्रतियोगिता, क्षेत्रीय प्रदर्शनी, क्विज़ प्रतियोगिता, लोक नृत्य प्रस्तुति तथा द्वीप समूह की विशिष्टता पर आधारित रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतिभागियों ने द्वीपों की जनजातीय संस्कृति, समुद्री इतिहास एवं राष्ट्रीय गौरव को सृजनात्मक रूप से अभिव्यक्त किया.

कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रमाध्यक्ष प्रो. हरे कृष्ण द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ. इसके पश्चात विद्यार्थियों ने अंडमान और निकोबार की पारंपरिक लोक नृत्य शैली से प्रेरित आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं. पारंपरिक परिधानों, जनजातीय संगीत और लयबद्ध नृत्य की मनोहारी साझेदारी ने सभागार में उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

कार्यक्रमाध्यक्ष प्रो. हरे कृष्ण का उद्बोधन

अपने संबोधन में प्रो. हरे कृष्ण ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह केवल भारत की समुद्री सीमाओं का प्रतीक ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विविधता का सजीव रूप भी हैं. ऐसे आयोजनों के माध्यम से विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और सद्भाव को प्रोत्साहित कर रहा है. विद्यार्थियों को प्रत्येक क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को जानना, सम्मान देना और उस पर गर्व करना चाहिए.

प्रदर्शनी, सम्मान एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ

समारोह की शुरुआत द्वीप समूह की प्राकृतिक सुंदरता, समुद्री जीवन, जनजातीय परंपराएँ, इतिहास और देशभक्ति पर आधारित 28 चित्रों की प्रदर्शनी से हुई, जिसका संयोजन प्रो. नीलू जैन गुप्ता ने किया.

लघु फिल्म प्रदर्शन

पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा अंडमान और निकोबार के इतिहास, पर्यावरण एवं संस्कृति पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शन का आयोजन किया गया.

भाषण प्रतियोगिता में 12 में से चयनित 4 प्रतिभागियों ने “अंडमान और निकोबार” विषय पर अपने विचार रखे. निर्णायक: डॉ. अंशु चौधरी, डॉ. डी.एन. भट्ट, डॉ. विजेता गौतम, डॉ. मुनेश एवं डॉ. जितेंद्र.

विजेता: प्रथम – तस्नीफ ज़ैदी, द्वितीय –अपेक्षा, तृतीय – हंसिका, प्रोत्साहन – विवेक.

राज्य-विषयक क्विज़ प्रतियोगिता डॉ. डी.एन. भट्ट द्वारा संचालित की गई, जिसमें 84 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. निर्णायक: डॉ. अंशु चौधरी, डॉ. विजेता गौतम. उल्लेखनीय है कि 20 विद्यार्थियों ने पूरे 20 अंक प्राप्त किए.

क्षेत्रीय नृत्य समारोह का संयोजन श्रीमती रमीता चौधरी द्वारा किया गया. विभिन्न विभागों के छह छात्र एवं छह छात्राओं ने अंडमान-निकोबार की लोक सांस्कृतिक प्रेरणा पर आधारित आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं.

उपस्थिति

इस अवसर पर साहित्यिक-सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रो. नीलू जैन गुप्ता, संयोजक प्रो. कृष्णकांत शर्मा, कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, प्रो. अल्का तिवारी, डॉ. जमाल अहमद सिद्दीकी, प्रो. प्रशांत कुमार, डॉ. विजेता गौतम, डॉ. अंशु चौधरी, डॉ. नेहा गर्ग, डॉ. डी.एन. भट्ट, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, मितेन्द्र कुमार गुप्ता, विभिन्न संकायों के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थियों ने अनुशासन एवं सृजनात्मकता के साथ किया.

कार्यक्रम के समापन पर प्रो. नीलू जैन गुप्ता ने सभी निर्णायकों, संयोजकों, अतिथियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, सृजनशीलता और राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त बनाते हैं. यह कार्यक्रम माननीय कुलाधिपति के उस प्रेरक संदेश का प्रतीक है जिसके अंतर्गत देश के विविध सांस्कृतिक क्षेत्रों को विश्वविद्यालयों से जोड़ने की पहल की जा रही है.

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान, समूह छायाचित्र और अतिथियों व विजेताओं के सम्मान के साथ हुआ.

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