OpenAI NATO के साथ AI तकनीक तैनात करने के संभावित समझौते पर कर रहा विचार

By: The Trek News Desk

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI जल्द ही उत्तरी अटलांटिक सैन्य गठबंधन NATO के नेटवर्क पर अपनी AI तकनीक उपलब्ध कराने के लिए एक संभावित समझौते पर विचार कर रही है. इस मामले से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, यह प्रस्ताव मुख्य रूप से NATO के “अनक्लासिफाइड नेटवर्क” में AI सेवाओं के इस्तेमाल से संबंधित है. हाल ही में OpenAI ने अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन (Pentagon) के साथ भी एक समझौता किया है, जिसके बाद यह चर्चा तेज़ हो गई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI की योजना NATO के ऐसे नेटवर्क में AI समाधान उपलब्ध कराने की है जो गोपनीय श्रेणी में नहीं आते. कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने पहले एक आंतरिक बैठक में संकेत दिया था कि कंपनी नाटो के विभिन्न नेटवर्क में अपनी तकनीक तैनात करने के मौके तलाश रही है. हालांकि बाद में कंपनी की ओर से साफ किया गया कि संभावित अनुबंध केवल अनक्लासिफाइड नेटवर्क तक सीमित रहेगा और क्लासिफाइड सैन्य सिस्टम इसका हिस्सा नहीं होंगे.

32 सदस्य देशों वाला नाटो गठबंधन इस विषय पर फिलहाल सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं कर पाया है. वहीं ओपन एआई, जिसे माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों का सहयोग हासिल है, उसने पिछले हफ्ते पेंटागन के सुरक्षित नेटवर्क में अपनी AI तकनीक उपलब्ध कराने का समझौता किया था. यह निर्णय उस समय सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद सरकार ने प्रतिस्पर्धी AI कंपनी एंथ्रोपिक के साथ सहयोग बंद कर दिया.

बताया जा रहा है कि एंथ्रोपिक और पेंटागन के बीच समझौते वार्ता के दौरान कई मुद्दों पर मतभेद पैदा हो गए थे. कंपनी के सीईओ दारियो अमोदेई ने पहले ही स्पष्ट किया था कि उनकी कंपनी नहीं चाहती कि उसके AI मॉडल का इस्तेमाल व्यापक घरेलू निगरानी या पूरी तरह स्वचालित हथियार प्रणालियों के लिए किया जाए. दूसरी ओर पेंटागन ने पहले कहा था कि उसका उद्देश्य AI का उपयोग अमेरिकी नागरिकों की बड़े पैमाने पर निगरानी के लिए नहीं है और न ही वह ऐसे हथियार विकसित करना चाहता है जो बिना मानवीय नियंत्रण के काम करें. हालांकि रक्षा विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि AI का कोई भी वैध और कानूनी उपयोग प्रतिबंधित न हो.

पेंटागन के साथ समझौते के बाद OpenAI ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उसकी AI तकनीक का उपयोग अमेरिकी नागरिकों या निवासियों की घरेलू निगरानी के लिए जानबूझकर नहीं किया जाएगा. कंपनी ने यह भी बताया कि पेंटागन ने भरोसा दिलाया है कि इन सेवाओं का उपयोग खुफिया एजेंसियों, जैसे नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी, द्वारा नहीं किया जाएगा.

रिपोर्ट्स के अनुसार, सैम ने हाल ही में कंपनी के भीतर हुई बैठक में कहा कि पेंटागन के साथ किया गया समझौता एक कठिन लेकिन ज़रूरी फैसला था. उनके अनुसार इस निर्णय का अल्पकाल में कंपनी की छवि और जनसंपर्क पर असर पड़ सकता है, लेकिन दीर्घकाल में यह AI तकनीक के जिम्मेदार और नियंत्रित उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर OpenAI और NATO के बीच यह संभावित समझौता आगे बढ़ता है, तो इससे सैन्य संगठनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को लेकर वैश्विक स्तर पर नई बहस शुरू हो सकती है.

Source: News Agencies

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