By: The Trek News Desk
मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. आर्टेमिस II मिशन के तहत चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से तक सफर कर लौटे चारों अंतरिक्ष यात्रियों का दल सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस आ गया है. ओरियन कैप्सूल ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय अत्यधिक गति का सामना किया और अंततः कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन हुआ.
नासा के अनुसार, पुनः प्रवेश (री-एंट्री) के दौरान कैप्सूल की गति लगभग 38,000 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी. हालांकि, उन्नत पैराशूट सिस्टम की मदद से इस तेज़ रफ्तार को धीरे-धीरे कम कर लगभग 32 किलोमीटर प्रति घंटा तक लाया गया, जिससे सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी.
यह मिशन कुल 10 दिनों तक चला, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों,, रीड वाइज़मैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसन, ने पृथ्वी से लगभग 2.5 लाख मील की दूरी तय की. यह दूरी मानव इतिहास में अब तक की सबसे लंबी अंतरिक्ष यात्रा मानी जा रही है.
स्प्लैशडाउन के बाद बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया. हेलीकॉप्टरों के ज़रिए चारों अंतरिक्ष यात्रियों को अमेरिकी नौसेना के जहाज़ पर लाया गया, जहां लगभग 550 कर्मियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
इस सफल मिशन को भविष्य में मानव को चंद्रमा और उससे आगे मंगल ग्रह तक भेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
Source: News Agencies
