By: The Trek News Desk
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने सोमवार को एक बार फिर मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी. यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने ईरान से स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ को खोलने की मांग की थी.
ईरान द्वारा किए गए ताज़ा हमलों में इसराइल, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात ने अपने-अपने क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की पुष्टि की है. इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है.
ईरान के सैन्य नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि उसके नागरिक ठिकानों पर हमला किया गया, तो जवाब “और भी विनाशकारी” होगा.
राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को कड़े शब्दों में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने होरमुज़ नहीं खोला, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उन्होंने इसके लिए मंगलवार रात 8 बजे तक की समयसीमा भी तय की है.
इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है. एशियाई बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया, जहां WTI और ब्रेंट क्रूड दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.
28 फरवरी को शुरू हुआ यह संघर्ष अब पूरे पश्चिम एशिया में फैल चुका है. ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों ने इसराइल और खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया है.
वहीं, रूस ने अमेरिका की चेतावनियों की आलोचना करते हुए बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है.
संघर्ष का असर अब लेबनान तक फैल गया है, जहां हिज़्बुल्लाह और इसराइल के बीच झड़पें तेज़ हो गई हैं. संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों ने भी स्थिति को गंभीर बताते हुए चेतावनी जारी की है.
इस बीच, ईस्टर के मौके पर पोप लियो XIV ने वैश्विक नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है.
Source: News Agencies
