पाकिस्तान में पेट्रोल 450 रुपये के पार: पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन कीमतों में भारी उछाल

By: The Trek News Desk

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सरकार ने पेट्रोल की कीमत बढ़ाकर 458.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी है. नई दरें 3 अप्रैल 2026 से लागू हो गई हैं.

यह घोषणा पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगज़ेब के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की. उन्होंने बताया कि पेट्रोल की कीमत में 137.24 रुपये और डीजल में 184.49 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है.

ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में भी नई कीमतों की पुष्टि की गई. इसके अलावा, केरोसीन की कीमत में भी 34.08 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करते हुए इसे 457.80 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.

यह भारी बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के बंद होने से वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट गहरा गया है. यह जलमार्ग दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस परिवहन का प्रमुख रास्ता है. यह स्थिति ईरान-इसराइल जंग के कारण उत्पन्न हुई, जो 28 फरवरी से जारी है.

इससे पहले प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने कई बार ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के प्रस्तावों को खारिज किया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने पेट्रोल में 95 रुपये और डीजल में 203 रुपये तक बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी ठुकराया था. मार्च के दौरान भी इसी तरह के कई प्रस्तावों को रोका गया था.

हालांकि, 6 मार्च को सरकार ने शुरुआती तौर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद 9 मार्च को सख्त आर्थिक कदमों की घोषणा की गई.

वित्त मंत्री औरंगज़ेब ने आम लोगों को राहत देने के लिए कुछ सब्सिडी योजनाओं का भी ऐलान किया. उन्होंने बताया कि दोपहिया वाहनों के लिए प्रति लीटर 100 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी, जो हर महीने 20 लीटर तक सीमित होगी और यह योजना तीन महीने तक लागू रहेगी.

कृषि क्षेत्र में छोटे किसानों को प्रति एकड़ 1,500 रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी. वहीं, माल ढुलाई और इंटरसिटी ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए भी 100 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जाएगी.

खाद्य सामग्री ढोने वाले ट्रकों को 70,000 रुपये की सीधी सहायता मिलेगी, जबकि बड़े ट्रांसपोर्ट वाहनों को 80,000 रुपये प्रति माह और यात्री वाहनों को 1 लाख रुपये प्रति माह तक की मदद दी जाएगी, ताकि किराए नियंत्रित रखे जा सकें.

रेल यात्रा करने वाले कम आय वर्ग के यात्रियों के लिए भी सब्सिडी देने की बात कही गई है, हालांकि इसके लागू होने की समयसीमा अभी तय नहीं की गई है.

Source: News Agencies

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