By: The Trek News Desk
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाज़ार पर भी साफ दिखाई दिया. सोमवार सुबह के कारोबार में एयरलाइंस और ट्रैवल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज़ गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया.
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर इंटरग्लोब एविएशन का शेयर करीब 7.50% तक लुढ़क गया, जबकि स्पाइसजेट में 7.27% की गिरावट दर्ज की गई. ट्रैवल सेक्टर की अन्य कंपनियां भी दबाव में रहीं. यात्रा ऑनलाइन के शेयर 11% से अधिक टूटे, ईज़ी ट्रिप प्लानर्स में लगभग 9% की गिरावट आई, टीबीओ टेक करीब 8% फिसला और थॉमस कुक के शेयर में भी 5% से अधिक की कमज़ोरी देखी गई.
बीएसई सेंसेक्स की बात करें तो वह 1,027 अंकों से अधिक गिरकर 80,284 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. वहीं एनएसई निफ्टी भी 300 अंकों से ज्यादा टूटकर 24,864 के करीब पहुंच गया.
विशेषज्ञों के अनुसार, इसराइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के चलते पश्चिम एशिया के कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर बड़ा असर पड़ा है और एयरलाइंस को रूट बदलने या उड़ानें रद्द करने की नौबत आ रही है.

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) ने रविवार को बताया कि मौजूदा हालात के कारण बुकिंग रद्द करने और यात्रा स्थगित करने के अनुरोधों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. खासतौर पर भारत से यूरोप जाने वाली उन उड़ानों पर असर पड़ा है, जो खाड़ी देशों के हब के जरिए संचालित होती हैं.
आईएटीओ के अध्यक्ष रवि गोसाईं के मुताबिक, देशभर के ट्रैवल एजेंट एयरलाइंस और विदेशी साझेदारों के साथ समन्वय कर यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग, री-बुकिंग और रिफंड की सुविधा देने में जुटे हैं, ताकि उन्हें कम से कम असुविधा हो.
बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो एविएशन और पर्यटन क्षेत्र पर दबाव और बढ़ सकता है. फिलहाल निवेशक स्थिति पर करीबी नज़र बनाए हुए हैं.
Source: News Agencies
