By: The Trek News Desk
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा है कि खामेनेई की मौत का बदला लेना ईरान का “वैध अधिकार और कर्तव्य” है.
रविवार (1 मार्च 2026) को सरकारी टीवी पर प्रसारित अपने बयान में राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हमलों में खामेनेई की हत्या “पूरी दुनिया के मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की खुली घोषणा” है.
राष्ट्रपति ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान के सर्वोच्च राजनीतिक पद पर आसीन व्यक्ति और वैश्विक शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक नेता की हत्या को हल्के में नहीं लिया जा सकता. उनके अनुसार, यह कदम विशेष रूप से शिया मुसलमानों के खिलाफ सीधी आक्रामक कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है.
उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह घटना न केवल ईरान बल्कि पूरी मुस्लिम दुनिया की भावनाओं पर चोट है और इसके गंभीर परिणाम होंगे.

पेज़ेश्कियान ने स्पष्ट किया कि ईरान इस हमले के ज़िम्मेदार लोगों और इसके “साज़िशकर्ताओं” के खिलाफ कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अपराध का जवाब देना इस्लामिक गणराज्य का अधिकार भी है और जिम्मेदारी भी.
हालांकि, राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि ईरान किस तरह की प्रतिक्रिया देगा, लेकिन संकेत दिया कि देश की सुरक्षा एजेंसियां और सशस्त्र बल स्थिति का आकलन कर रहे हैं.
ख़ामेनेई की हत्या के बाद पहले ही मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आशंका है कि यह घटनाक्रम व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है.
Source: News Agencies
