By: The Trek News Desk
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की मौजूदा धार्मिक सत्ता व्यवस्था पर तीखा बयान देते हुए कहा है कि वहां शासन परिवर्तन “सबसे बेहतर विकल्प” हो सकता है. उन्होंने कहा कि पिछले 47 वर्षों से ईरान का नेतृत्व केवल बातचीत करता रहा है, जबकि इस दौरान कई लोगों की जानें गई हैं.
हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि वे किसे ईरान का अगला नेता देखना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे लोग मौजूद हैं जो नेतृत्व संभाल सकते हैं. ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की ओर से इस बयान पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी मज़बूत कर दी है. ट्रंप ने जानकारी दी कि दुनिया का सबसे बड़ा और आधुनिक विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड कैरेबियन क्षेत्र से जल्द ही मध्य पूर्व के लिए रवाना होगा. यह पोत पहले से तैनात अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ मिलकर क्षेत्र में अमेरिकी शक्ति का प्रदर्शन करेगा.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस युद्धपोत की तस्वीर साझा करते हुए संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर गंभीर दबाव बना रहा है.
हाल ही में व्हाइट हाउस में इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहेगी, लेकिन यदि समझौता नहीं हुआ तो कड़े कदम उठाए जा सकते हैं. अमेरिका की मांग है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह रोक दे, जबकि इसराइल चाहता है कि तेहरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय समूहों को समर्थन देना बंद करे.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने संकेत दिया है कि उनका देश प्रतिबंधों में राहत के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम पर कुछ सीमाएं लगाने को तैयार है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी “अत्यधिक दबाव” के आगे नहीं झुकेगा.
उल्लेखनीय है कि अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुए परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था और ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध दोबारा लागू कर दिए थे. इन प्रतिबंधों का ईरान की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है. वर्तमान हालात में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत के साथ-साथ सैन्य दबाव भी जारी है, जिससे मध्य पूर्व की राजनीति में तनाव बना हुआ है.
Source: News Agencies
