By: The Trek News Desk
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से अपील की है कि वे तकनीक को अपने ऊपर हावी न होने दें, बल्कि उसका उपयोग अपनी क्षमताओं को निखारने और कौशल बढ़ाने के लिए करें. उन्होंने कहा कि तकनीक साधन है, स्वामी नहीं, और इसका सही इस्तेमाल ही छात्रों को आगे बढ़ा सकता है.
परीक्षा पे चर्चा के दूसरे एपिसोड में छात्रों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने चिंता जताई कि आज कई बच्चे मोबाइल फोन और टीवी पर इस कदर निर्भर हो गए हैं कि वे इनके बिना भोजन तक नहीं कर पाते. उन्होंने इसे खतरनाक प्रवृत्ति बताते हुए कहा कि छात्रों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे तकनीक के अधीन नहीं होंगे.
यह संवाद कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और गुजरात के छात्रों के साथ आयोजित किया गया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई और उभरती तकनीकों से डरने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि उन्हें सीखने और अपनी प्रतिभा को मज़बूत करने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए.
परीक्षाओं की तैयारी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने और पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि अच्छी तैयारी के बाद तनाव अपने आप कम हो जाता है और पूरी नींद लेने से दिनभर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
प्रधानमंत्री ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उनके शिक्षक हमेशा शारीरिक व्यायाम पर ज़ोर देते थे, जिससे स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलती थी. उन्होंने कहा कि किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन में मां और शिक्षकों की भूमिका बेहद अहम होती है.
नेतृत्व के विषय में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नेतृत्व केवल चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं है. किसी भी व्यक्ति में नेतृत्व की सबसे बड़ी पहचान उसकी संवाद क्षमता होती है. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने विचार स्पष्ट रूप से दूसरों तक पहुंचा सकता है, वही सच्चा नेतृत्वकर्ता बन सकता है.
प्रधानमंत्री ने अंत में छात्रों से आत्मविश्वास बनाए रखने और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया, ताकि वे न केवल परीक्षाओं में बल्कि जीवन में भी सफलता हासिल कर सकें.
Source: News Agencies
