By: The Trek News Desk
मध्य पूर्व में बिगड़ते भू-राजनीतिक हालात के बीच यूरोप की दो प्रमुख एयरलाइनों, एयर फ्रांस और केएलएम ने क्षेत्र के कई शहरों के लिए अपनी उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं. इन फैसलों को क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा चिंताओं से जोड़कर देखा जा रहा है.
फ्रांस की राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर फ्रांस ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए दुबई के लिए उड़ानें फिलहाल रोकी जा रही हैं. कंपनी के अनुसार, वह स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और ज़रूरत पड़ने पर उड़ान कार्यक्रम को लेकर आगे की जानकारी दी जाएगी.
वहीं, नीदरलैंड की एयरलाइन केएलएम ने भी इसराइल, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के कई शहरों के लिए उड़ानें अगली सूचना तक स्थगित कर दी हैं. केएलएम ने तेल अवीव, दुबई, दम्माम और रियाद के लिए सेवाएं रोकी हैं और साथ ही इराक़, ईरान, इसराइल तथा खाड़ी क्षेत्र के कुछ अन्य देशों के हवाई क्षेत्र से भी अपने विमानों को न उड़ाने का फैसला किया है.
केएलएम ने इन निलंबनों के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, लेकिन कहा कि वह डच अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और सुरक्षा हालात का आकलन कर रही है.

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व, विशेष रूप से खाड़ी क्षेत्र की ओर अमेरिकी युद्धपोतों के एक बड़े बेड़े को भेजे जाने की बात कही है. ट्रंप ने इसे “आर्माडा” करार देते हुए कहा कि यह कदम एहतियातन उठाया जा रहा है.
स्विट्ज़रलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक से लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखे हुए है. उन्होंने संकेत दिया कि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी बढ़ाई जा रही है.
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और सैन्य हलचलों के बीच एयरलाइनों के इन फैसलों से अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर असर पड़ने की आशंका है, जबकि यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है.
Source: News Agencies
