By: The Trek News Desk
रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधि शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में अहम त्रिपक्षीय वार्ता करने जा रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमला शुरू किए जाने के लगभग चार साल बाद यह पहली बार है जब तीनों देशों के प्रतिनिधि एक ही मंच पर आमने-सामने बातचीत करेंगे.
क्रेमलिन ने पुष्टि की है कि रूसी अधिकारी इस बैठक में हिस्सा लेंगे. यह घोषणा मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद की गई. रूस ने उस बातचीत को “हर दृष्टि से उपयोगी” बताया, हालांकि यह भी साफ किया कि जब तक क्षेत्रीय विवादों का समाधान नहीं होता, तब तक स्थायी शांति समझौता संभव नहीं है.
इस बीच, स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस के खिलाफ सख्त कदम उठाने को लेकर यूरोपीय सहयोगियों की “राजनीतिक इच्छाशक्ति” पर सवाल खड़े किए.
मॉस्को में पुतिन के साथ हुई बैठक में अमेरिका की ओर से तीन प्रतिनिधि मौजूद थे, जिनमें स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर शामिल थे. क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने इस चर्चा को “गंभीर, रचनात्मक और बेहद स्पष्ट” बताया, लेकिन दोहराया कि क्षेत्रीय मुद्दों के समाधान के बिना शांति संभव नहीं है.

उशाकोव के अनुसार, पुतिन ने साफ किया कि रूस कूटनीतिक समाधान में “ईमानदारी से रुचि” रखता है, लेकिन पिछले साल अलास्का में ट्रंप-पुतिन शिखर वार्ता में तय ढांचे के अनुसार क्षेत्रीय प्रश्नों का हल ज़रूरी है.
अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने इससे पहले कहा था कि संभावित शांति समझौते के तहत रूस, यूक्रेन को “मज़बूत” सुरक्षा गारंटी देने पर अमेरिका और यूरोप की भूमिका स्वीकार करने को तैयार है.
दावोस में ट्रंप से मुलाकात के बाद ज़ेलेंस्की ने भी स्वीकार किया कि पूर्वी यूक्रेन के इलाकों की स्थिति अब भी सबसे बड़ा अनसुलझा मुद्दा बनी हुई है. उन्होंने कहा, “मामला ज़मीन का है. यह समस्या अभी हल नहीं हुई है. समझौते के लिए रूस को भी समझौता करने के लिए तैयार होना होगा, सिर्फ यूक्रेन को नहीं.”
मुख्य विवादों में रूस की यह मांग शामिल है कि यूक्रेन डोनेट्स्क क्षेत्र के उस 25 प्रतिशत हिस्से को छोड़ दे, जिस पर फिलहाल कीव का नियंत्रण है.
अबू धाबी बैठक की गंभीरता को दर्शाते हुए ज़ेलेंस्की ने अपनी वार्ता टीम में देश के शीर्ष अधिकारियों को शामिल किया है. यूक्रेन की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तेम उमेरोव, राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख किरिलो बुदानोव, वार्ताकार डेविड अरखामिया और जनरल स्टाफ के प्रमुख आंद्रेई ह्नातोव वार्ता में हिस्सा लेंगे.

वहीं, रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी जीआरयू के प्रमुख जनरल इगोर कोस्त्युकॉव करेंगे. इसके अलावा, रूस के निवेश दूत किरिल दिमित्रिएव अमेरिकी प्रतिनिधि विटकॉफ से अलग से आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
ज़ेलेंस्की ने हाल ही में दावा किया था कि युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 20-सूत्रीय योजना लगभग 90 प्रतिशत तैयार है, हालांकि डोनबास क्षेत्र को लेकर यूक्रेन और रूस के रुख में बड़ा अंतर है. यूक्रेन ने डोनबास में 40 किलोमीटर तक सैनिक पीछे हटाने और एक आर्थिक क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव दिया है, बशर्ते रूस भी ऐसा ही करे.
अमेरिकी योजना के तहत डोनबास को निरस्त्रीकृत और मुक्त आर्थिक क्षेत्र बनाने के बदले यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने की बात कही गई है. ज़ेलेंस्की ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उनकी ट्रंप से सहमति बनी है, हालांकि अंतिम मंजूरी अमेरिकी कांग्रेस और यूक्रेनी संसद से लेनी होगी.
Source: News Agencies
