By: The Trek News Desk
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अपने भाषण के दौरान स्पष्ट किया कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए किसी भी तरह के सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेंगे. हालांकि, उन्होंने एक बार फिर इस डेनमार्क-शासित स्वायत्त क्षेत्र को अमेरिका के लिए “मुख्य राष्ट्रीय सुरक्षा हित” करार देते हुए इसके “अधिग्रहण” पर फौरन बातचीत की मांग की.
ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड उत्तर अमेरिका का हिस्सा है और उसकी भौगोलिक स्थिति बेहद रणनीतिक है. उनके मुताबिक, इस द्वीप की सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता केवल अमेरिका के पास है. उन्होंने दावा किया कि ग्रीनलैंड फिलहाल “बिना पर्याप्त सुरक्षा के” एक अहम क्षेत्र में स्थित है.
अपने भाषण में ट्रंप ने नाटो और यूरोपीय देशों पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने नाटो के लिए बहुत कुछ किया है, लेकिन बदले में उसे “कुछ भी नहीं” मिला. ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि नाटो ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंपने से इनकार करता है, तो अमेरिका इसे “याद रखेगा”.
“नाटो के पास विकल्प है, हां कहे तो हम आभारी होंगे, नहीं कहे तो हम इसे नहीं भूलेंगे,” ट्रंप ने कहा.
कनाडा को लेकर भी ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि कनाडा अमेरिका की वजह से ही अस्तित्व में है और उसे वॉशिंगटन के प्रति अधिक आभार जताना चाहिए. यह टिप्पणी उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के उस बयान के एक दिन बाद की, जिसमें कार्नी ने अमेरिका-नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था में दरार की चेतावनी दी थी.
“मैंने कल आपके प्रधानमंत्री को सुना, वे ज़्यादा आभारी नहीं लगे,” ट्रंप ने कहा.
यूक्रेन युद्ध पर बोलते हुए ट्रंप ने बताया कि वह बुधवार को डावोस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुसार ज़ेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन दोनों ही लगभग चार साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं. ट्रंप ने दावा किया कि वह पुतिन के संपर्क में भी हैं.
यूरोप की नीतियों पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि महाद्वीप “सही दिशा में नहीं जा रहा है”. उन्होंने बड़े पैमाने पर प्रवासन और हरित ऊर्जा नीतियों को यूरोप की समस्याओं की वजह बताया. पवन ऊर्जा को लेकर उन्होंने तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पवन टर्बाइन आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं और जहां ज्यादा विंडमिल्स होती हैं, वहां नुकसान भी बढ़ता है.
Source: News Agencies
