By: The Trek News Desk
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने यूक्रेन में रूस के साथ लड़ रहे अपने सैनिकों की खुलकर प्रशंसा की है और कहा है कि इस तैनाती ने दुनिया के सामने “हमारी सेना की प्रतिष्ठा और अजेय ताकत” को साबित किया है. यह बयान उन्होंने अपनी सत्तारूढ़ वर्कर्स’ पार्टी की एक अहम बैठक के समापन पर दिया.
अधिकारियों पर “गलत विचारधारा” और “गैर-जिम्मेदार रवैये” का आरोप
उत्तर कोरिया की सरकारी एजेंसी KCNA के अनुसार, किम ने पार्टी अधिकारियों के भीतर बढ़ती “गलत विचारधारा, निष्क्रियता और गैर-जिम्मेदार कार्यशैली” की निंदा की.
उन्होंने कहा कि कई “दुर्व्यवहार और भ्रष्ट प्रवृत्तियाँ” सामने आई हैं, जिन्हें तुरंत सुधारे जाने की आवश्यकता है.
हालाँकि KCNA ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किम की आलोचना किन अधिकारियों पर केंद्रित थी, लेकिन रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि पार्टी ने हाल के महीनों में कई “अनुशासनहीनताओं” का पता लगाया है.
“हमारी सेना अंतरराष्ट्रीय न्याय की असली रक्षक”-किम
तीन दिनों तक चली इस बैठक के अंत में किम जोंग-उन ने उन उत्तर कोरियाई सैनिकों को विशेष सराहना दी, जो रूस के साथ मिलकर यूक्रेन युद्ध में लड़ रहे हैं. दक्षिण कोरियाई सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि इस लड़ाई में उत्तर कोरिया के कम से कम 600 सैनिक मारे गए और हज़ारों घायल हुए हैं.
KCNA ने किम के हवाले से कहा, “पिछले एक साल में, हमारी सेना के अनेक सैनिकों ने विदेशों में सैन्य अभियानों में हिस्सा लेकर देश की प्रतिष्ठा बढ़ाई है.”
उन्होंने आगे कहा कि रूस के समर्थन में तैनाती ने दुनिया को यह दिखा दिया कि उत्तर कोरिया की सेना “हमेशा जीतने वाली ताकत” और “अंतरराष्ट्रीय न्याय की सच्ची रक्षक” है.
सैन्य आधुनिकीकरण पर जोर – बड़े बदलावों का हवाला
किम ने कहा कि दुनिया में बदलते भू-राजनीतिक और तकनीकी माहौल को देखते हुए उत्तर कोरिया अपनी सैन्य क्षमता को “तेज़ी से आधुनिक” कर रहा है.
दक्षिण कोरिया की न्यूज एजेंसी Yonhap के अनुसार, किम का मानना है कि रक्षा क्षमता को मज़बूत करना ही देश की सुरक्षा का “सही मार्ग” है.

अगले वर्ष होने वाले पार्टी कांग्रेस से पहले अहम तैयारी
वर्कर्स’ पार्टी की यह बैठक उस बड़े पार्टी कांग्रेस से पहले हुई है जिसे जनवरी या फरवरी में आयोजित किया जाना है.
इस ‘नौवें पार्टी कांग्रेस’ में उत्तर कोरिया अमेरिका और दक्षिण कोरिया के प्रति अपनी नीति, आर्थिक रणनीति और रक्षा योजनाओं की नई दिशा प्रस्तुत कर सकता है.
Yonhap ने कहा कि विशेषज्ञ यह भी देख रहे हैं कि क्या किम “दो शत्रु राष्ट्र”, अमेरिका और दक्षिण कोरिया को आधिकारिक रूप से पार्टी की नीति में शामिल कर देंगे.
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की शांति कोशिशों को प्योंगयांग ने नज़रअंदाज़ किया
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने जून में पदभार संभालने के बाद उत्तर कोरिया के साथ तनाव कम करने के कई कदम उठाए हैं-
- सीमा पर लगे प्रचारक लाउडस्पीकर हटाना
- एंटी-उत्तरी पर्चे गिराने पर प्रतिबंध लगाना
ली ने यह भी कहा कि वे अपने विवादित पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल द्वारा की गई “उकसाने वाली कार्रवाइयों” के लिए उत्तर कोरिया से माफी माँगने पर विचार कर रहे हैं.
यून पर आरोप है कि उन्होंने ड्रोन के ज़रिए उत्तर कोरिया में प्रचार सामग्री भेजने का आदेश देकर जानबूझकर तनाव बढ़ाने की कोशिश की.
लेकिन किम जोंग-उन ने इन प्रयासों को सिरे से खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि उन्हें “दक्षिण कोरिया के नेता से बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं” है.
Source: News Agencies

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