छह राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में मतदाता अनुकरण फॉर्म जमा करने की बढ़ी समयसीमा

By: The Trek News Desk

विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में अब छह राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के लिए अनुकरण फॉर्म जमा करने की समयसीमा बढ़ा दी गई है. यह निर्णय राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) द्वारा भेजे गए अनुरोधों के आधार पर लिया गया है.

किन राज्यों को मिला समय बढ़ोतरी?

निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में मतदाताओं को अपने अनुकरण फॉर्म जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है.

पहले 11 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में गुरुवार (11 दिसंबर) को SIR का अंतिम दिन था, जबकि केरल को पहले ही 18 दिसंबर तक का विस्तार दिया जा चुका था.

नया संशोधित कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए कार्यक्रम के अनुसार:

  • तमिलनाडु और गुजरात
    • नई अंतिम तिथि: 14 दिसंबर 2025
    • ड्राफ्ट मतदाता सूची: 19 दिसंबर 2025
  • मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह
    • नई अंतिम तिथि: 18 दिसंबर 2025
    • ड्राफ्ट सूची: 23 दिसंबर 2025
  • उत्तर प्रदेश
    • नई अंतिम तिथि: 26 दिसंबर 2025
    • ड्राफ्ट सूची प्रकाशन: 31 दिसंबर 2025

बाकी राज्यों में समयसीमा में कोई बदलाव नहीं

गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में अनुकरण प्रक्रिया गुरुवार (11 दिसंबर) को ही समाप्त हो रही है. इन राज्यों की ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर 2025 को जारी की जाएगी.

नए मतदाताओं के लिए आयोग की अपील

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए, इसके लिए नए वोटरों को फॉर्म-6 भरकर जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
मतदाता यह फॉर्म दो तरीकों से जमा कर सकते हैं:

  • बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को सीधे सौंपकर
  • या फिर ऑनलाइन माध्यम से – ECINet ऐप/वेबसाइट के जरिए

अंतिम मतदाता सूची फरवरी 2026 में प्रकाशित की जाएगी.

एसआईआर की पृष्ठभूमि

ECI ने 27 अक्टूबर को नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों के लिए SIR की घोषणा की थी.
पहली समयसीमा:

  • फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि: 4 दिसंबर 2025
  • ड्राफ्ट सूची जारी होने की तिथि: 9 दिसंबर 2025

इसके बाद आयोग ने 30 नवंबर को एक सप्ताह का विस्तार किया था, और अब राज्यों के अनुरोधों पर फिर से समयसीमा बढ़ाई गई है.

Source: News Agencies

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