By: The Trek News Desk
अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न ने बुधवार को घोषणा की कि वह 2030 तक भारत में अपने विभिन्न व्यवसायों में 35 अरब डॉलर (₹3.14 लाख करोड़ से अधिक) का विशाल निवेश करेगी. कंपनी ने कहा कि यह निवेश मुख्य रूप से एआई-प्रेरित डिजिटलीकरण, निर्यात बढ़ोतरी और रोजगार सृजन पर केंद्रित होगा.
अमेज़न के Smbhav Summit 2025 के दौरान, कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (उभरते बाज़ार), अमित अग्रवाल ने कहा कि अमेज़न का लक्ष्य भारत से अपने निर्यात को 20 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 80 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने और 10 लाख नए रोजगार पैदा करने का है.
अब तक 40 अरब डॉलर का निवेश, अब और 35 अरब डॉलर की तैयारी
अग्रवाल ने बताया कि अमेज़न ने 2010 से अब तक भारत में 40 अरब डॉलर का निवेश किया है, और आने वाले वर्षों में इसमें और बड़ा इज़ाफा किया जाएगा.
उन्होंने कहा, “अमेज़न 2030 तक अपने सभी भारतीय व्यवसायों में अतिरिक्त 35 अरब डॉलर का निवेश करेगी.”
यह निवेश:
- माइक्रोसॉफ्ट की 17.5 अरब डॉलर की योजना का दो गुना है,
- और गूगल की 15 अरब डॉलर की योजना से लगभग 2.3 गुना अधिक है.
एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेज़न फिलहाल भारत में सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है.
क्लाउड, एआई और इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेज़ी से निवेश
अमेज़न ने मई 2023 में घोषणा की थी कि वह 2030 तक भारत में 12.7 अरब डॉलर का निवेश तेलंगाना और महाराष्ट्र में अपने स्थानीय क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में करेगी.
2016 से 2022 के बीच कंपनी पहले ही 3.7 अरब डॉलर का पूंजी निवेश कर चुकी है.
अमेज़न भारत में इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है:
- फुलफिलमेंट सेंटर्स
- ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क
- डेटा सेंटर
- डिजिटल पेमेंट सिस्टम
- टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट
कंपनी का कहना है कि ये निवेश भारत में डिजिटल कॉमर्स और सप्लाई चेन को और सशक्त बनाएंगे.
1.2 करोड़ छोटे व्यवसायों का डिजिटलीकरण, 20 अरब डॉलर का निर्यात
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेज़न ने:
- भारत में 1.2 करोड़ से अधिक छोटे व्यवसायों को डिजिटल बनाया,
- 20 अरब डॉलर का ई-कॉमर्स निर्यात सक्षम किया,
- और वर्ष 2024 में लगभग 28 लाख प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष और मौसमी नौकरियों का समर्थन किया.
“Accelerate Exports” कार्यक्रम: निर्माताओं को वैश्विक बाजार से जोड़ने का नया प्रयास
निर्यात को गति देने के लिए, अमेज़न ने “Accelerate Exports” नाम की पहल शुरू की है.
यह कार्यक्रम:
- डिजिटल उद्यमियों को भरोसेमंद निर्माताओं से जोड़ने,
- और भारतीय निर्माताओं को वैश्विक स्तर पर सफल विक्रेता बनने में मदद करने के लिए बनाया गया है.
अमेज़न इस कार्यक्रम के तहत भारत के 10+ प्रमुख विनिर्माण केंद्रों, जैसे तिरुपुर, कानपुर, सूरत में ऑन-ग्राउंड ऑनबोर्डिंग ड्राइव आयोजित करेगा.
इसके साथ ही, अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा भी की गई, जिससे इस कार्यक्रम को पूरे देश में विस्तार दिया जा सके.
भारत में अमेज़न की दीर्घकालिक रणनीति
अमेज़न का कहना है कि भारत में बढ़ता डिजिटल अपनापन, मज़बूत प्रतिभा आधार और वैश्विक व्यापार क्षमता कंपनी के लिए लंबे समय तक निवेश के बड़े अवसर पैदा कर रहा है.
35 अरब डॉलर की यह योजना भारत को अमेज़न की वैश्विक विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना देती है.
Source: News Agencies
