बोलीविया और इसराइल के बीच फिर से कूटनीतिक संबंध होंगे स्थापित

By: The Trek News Desk

बोलीविया की नई सरकार ने मंगलवार, 9 दिसंबर को घोषणा की कि वह इसराइल के साथ अपने कूटनीतिक संबंध फिर से स्थापित करेगा. यह कदम देश में हो रहे एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक बदलाव का हिस्सा है, क्योंकि बोलीविया पहले इसराइल की फिलिस्तीनियों के प्रति नीतियों की आलोचक रहा था.

बोलीविया के विदेश मंत्रालय ने बताया कि देश के शीर्ष कूटनीतिक अधिकारी, मंत्री फर्नांडो अरामायो, इस संबंध में इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार से वाशिंगटन में मुलाकात करेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच के टूटे हुए संबंधों को फिर से बहाल किया जा सके.

बोलीविया की नई कूटनीतिक रणनीति

बोलीविया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह कूटनीतिक पहल राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज़ की नई विदेश नीति के तहत हो रही है, जिसका उद्देश्य “बोलीविया की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को फिर से बनाना, नए आर्थिक अवसरों को खोलना, और ऐसी साझेदारियाँ बनाना हैं जो सीधे तौर पर देश और विदेश में रहने वाले हमारे नागरिकों के हित में हों.” पाज़ के प्रशासन के तहत, देश का ध्यान पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिका और इसराइल के साथ अपने संबंधों को सुधारने पर केंद्रित है.

पिछले दो दशकों में, बोलीविया का विदेश नीति रुख काफी कट्टरपंथी और पश्चिम विरोधी था, जो मुख्यतः चाइना, रूस और वेनेजुएला जैसे देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर देता था. राष्ट्रपति पाज़ की सरकार ने हाल ही में अमेरिकी और इसराइली यात्रियों के लिए वीज़ा प्रतिबंधों को भी हटा लिया, जिससे दोनों देशों के साथ रिश्तों में सुधार का संकेत मिला है.

दक्षिण अमेरिकी राजनीति में एक नया मोड़

यह कदम बोलीविया की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है. पाज़ के राष्ट्रपति बनने से पहले, 2019 में पूर्व राष्ट्रपति एवो मोरालेस की सरकार ने इसराइल के साथ संबंध तोड़ दिए थे. मोरालेस का मानना था कि इसराइल की ग़ज़ा में सैन्य कार्रवाई ने उन्हें इस्लामी देशों के साथ संबंध सुधारने की प्रेरणा दी. मोरालेस के सत्ता में रहते हुए, बोलीविया ने इसराइल के खिलाफ कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विरोध दर्ज किया था, और उन्होंने इसराइल के राजदूत को देश से निकाल दिया था.

मोरालेस के 2019 में विवादित चुनाव परिणामों के बाद, एक अस्थायी दक्षिणपंथी सरकार ने सत्ता संभाली थी और इसराइल के साथ पूर्ण कूटनीतिक संबंध फिर से बहाल किए थे. लेकिन 2020 में, जब MAS पार्टी फिर से सत्ता में आई, तो राष्ट्रपति लुइस आर्से ने एक बार फिर इसराइल के साथ संबंध तोड़ दिए, इस बार इसराइल की ग़ज़ा में सैन्य कार्रवाई के खिलाफ विरोध के रूप में.

इसराइल की प्रतिक्रिया

इसराइली विदेश मंत्री गिदोन सार ने बोलीविया के फैसले का स्वागत किया और देश के द्वारा इसराइली वीजा प्रतिबंधों को हटाने की सराहना की. सार ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति पाज़ से अक्टूबर 2025 में उनकी चुनावी जीत के बाद बात की थी और इसराइल ने बोलीविया के साथ नए अध्याय की शुरुआत की इच्छा जताई थी.

यह कदम दक्षिण अमेरिकी राजनीति में बदलाव के संकेत देता है, जहां विभिन्न देशों ने इसराइल के साथ अपने रिश्तों को लेकर अलग-अलग रुख अपनाया है. बोलीविया, जो कभी इसराइल की नीतियों का सबसे आलोचनात्मक देश था, अब एक नया कूटनीतिक रुख अपना रहा है.

नए आर्थिक और कूटनीतिक अवसर

राष्ट्रपति पाज़ की सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि इसराइल के साथ फिर से रिश्तों की स्थापना का उद्देश्य न केवल राजनीतिक सहयोग बढ़ाना है, बल्कि यह बोलीविया को नए व्यापारिक और आर्थिक अवसरों के लिए एक नया मार्ग भी खोलता है. इसे वैश्विक मंच पर बोलीविया की स्थिति को मजबूत करने और देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सकारात्मक पहचान दिलाने के रूप में देखा जा रहा है.

हालांकि, इस बदलाव पर दक्षिण अमेरिकी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाएँ मिश्रित हो सकती हैं, यह स्पष्ट है कि बोलीविया अपने कूटनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण में व्यापक बदलाव ला रहा है.

Source: News Agencies

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