By: The Trek News Desk
अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के प्रयास एक बार फिर अटकते दिखे हैं. मॉस्को में करीब पांच घंटे चली बातचीत के बाद क्रेमलिन ने साफ कहा कि बैठक “रचनात्मक” जरूर थी, लेकिन अमेरिकी प्रस्ताव के कुछ हिस्से रूस के लिए “कबूल नहीं” हैं.
व्हाइट हाउस टीम की बैठक, लेकिन ‘कोई बड़ी प्रगति नहीं’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुश्नर ने हफ्तों की कूटनीति के बाद पुतिन से मुलाक़ात की, लेकिन अमेरिकी दल ने मॉस्को छोड़ने के बाद कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही साफ कर चुके थे कि कीव और यूरोपीय देशों द्वारा किए गए बदलाव उनके लिए अस्वीकार्य हैं. पुतिन ने चेतावनी दी कि, “अगर यूरोप युद्ध चाहता है और शुरू करता है, तो हम तैयार हैं.”
यूक्रेन–अमेरिका–यूरोप: तीन दिशाओं से दबाव
यूक्रेन और उसके यूरोपीय समर्थक कई हफ्तों से अमेरिकी ड्राफ्ट शांति योजना में संशोधन की मांग कर रहे हैं. नवंबर में लीक हुए मसौदे को रूस के हितों के अनुरूप बताया जा रहा था, जिसके बाद इसमें कई बार सुधार किए गए.
मॉस्को वार्ता के बाद पुतिन के शीर्ष सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा, “कुछ बिंदु हमें मंज़ूर थे, कुछ पर हमने कड़ा ऐतराज़ जताया. अभी समझौते वाला फॉर्मूला तैयार नहीं हुआ है.”
सबसे बड़े मतभेद यूक्रेन से उन इलाक़ों को छोड़ने की मांग को लेकर हैं जिन पर वह अभी भी नियंत्रण रखता है, साथ ही यूरोपीय सुरक्षा गारंटी को लेकर भी टकराव जारी है.
पुतिन ने यूरोपीय नेताओं पर साधा निशाना
बैठक से पहले पुतिन ने यूरोपीय देशों की तीखी आलोचना की, जो 2022 के रूसी आक्रमण के बाद से कीव की सेना को सहयोग दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यूरोपीय नेता “भ्रम में” हैं कि वे रूस को रणनीतिक हार दिला सकते हैं.

ज़ेलेंस्की: ‘युद्ध खत्म करने का मौका, लेकिन शर्तें स्पष्ट हों’
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि अमेरिकी प्रतिनिधि उन्हें वार्ता की जानकारी देंगे.
आयरलैंड यात्रा के दौरान उन्होंने कहा, “युद्ध खत्म करने का मौका पहले से ज्यादा है, लेकिन प्रस्तावों पर और काम की जरूरत है.”
उनकी शर्तें वही हैं, यूक्रेन को चर्चा में शामिल किया जाए, और मजबूत सुरक्षा गारंटी, जैसे नाटो सदस्यता, सुनिश्चित की जाए. वहीं ट्रंप पहले ही नाटो विस्तार के खिलाफ बयान दे चुके हैं.
यूक्रेन की ज़मीन पर युद्ध जारी
मॉस्को में वार्ता के दौरान भी जंग जारी रही. रूस ने दावा किया कि उसकी सेना ने पूर्वी शहर पोकर्वस्क पर कब्ज़ा कर लिया है, लेकिन यूक्रेन ने इसे खारिज करते हुए कहा कि “उत्तरी इलाक़ा अब भी हमारे नियंत्रण में है.”
यूक्रेनी सेना ने आरोप लगाया कि रूसी सैनिकों ने “झंडा लगाकर प्रचार करने की कोशिश की,” लेकिन उन्हें पीछे हटना पड़ा.
अंतरराष्ट्रीय निगरानी समूहों ने भी रूस के कब्जे के दावे पर संदेह जताया है.
यूक्रेन ने रूस द्वारा वोवचांस्क और कुपियांस्क में सफलता के दावों को भी खारिज कर दिया है.
युद्ध की मानवीय कीमत
24 फरवरी 2022 को रूस के हमले के बाद से दसियों हज़ार सैनिक मारे गए हैं या घायल हुए हैं.
यूएन के मुताबिक 14,000 से ज्यादा नागरिक भी हिंसा में जान गंवा चुके हैं.
स्कूल, अस्पताल और रिहाइशी इलाक़े मिसाइल और ड्रोन हमलों में खंडहर में बदल चुके हैं.
Source: News Agencies
