By: The Trek News Desk
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने मंगलवार को टोक्यो में एक ऐतिहासिक बैठक के दौरान दुर्लभ खनिजों और महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए.
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देश चीन पर अपनी निर्भरता घटाने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
“आप महान नेता होंगी” – ट्रम्प का ताकाइची को सम्मान
अकासाका पैलेस में हुई वार्ता के दौरान ट्रम्प ने ताकाइची की दृढ़ नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, “आप जापान की एक महान प्रधानमंत्री साबित होंगी. पहली महिला प्रधानमंत्री होना अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण है.”
ताकाइची ने भी ट्रम्प की कूटनीतिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि वे उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की योजना बना रही हैं. उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने “कम्बोडिया-थाईलैंड और इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्षों में जो भूमिका निभाई, वह अभूतपूर्व रही है.”
रक्षा और व्यापार में नया अध्याय
ताकाइची सरकार ने रक्षा बजट को GDP के 2% तक बढ़ाने की योजना पेश की है, ताकि जापान अपनी सैन्य तैयारी को मजबूत कर सके.
इस बैठक में दोनों नेताओं ने 550 अरब डॉलर मूल्य के निवेश पैकेज पर भी चर्चा की, जिसमें जहाज़ निर्माण, अमेरिकी सोया, गैस और पिकअप ट्रक की खरीद जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
दुर्लभ खनिजों की साझेदारी
हस्ताक्षरित समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स की आपूर्ति को सुरक्षित और स्थिर बनाना है. ये खनिज स्मार्टफ़ोन से लेकर फाइटर जेट तक, आधुनिक तकनीक के लगभग हर क्षेत्र में इस्तेमाल होते हैं.
व्हाइट हाउस के अनुसार, “यह साझेदारी दोनों देशों की आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त बनाएगी और स्थिर वैश्विक उत्पादन को सुनिश्चित करेगी.”
सैन्य दौरा और अगला पड़ाव
बैठक के बाद ट्रम्प और ताकाइची ने योकोसुका स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे का दौरा किया, जहां USS George Washington विमानवाहक पोत तैनात है. ट्रम्प इसके बाद दक्षिण कोरिया की यात्रा पर जाएंगे, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी. दोनों नेताओं के बीच व्यापार युद्ध में अस्थायी समझौते पर चर्चा होने की उम्मीद है.
Source: News Agencies
