यूक्रेन ने ब्रिटेन निर्मित स्टॉर्म शैडो मिसाइलों से रूस के रासायनिक संयंत्र पर हमला किया, रूस के जवाबी हमला छह लोगों की मौत

By: The Trek News Desk

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब यूक्रेनी सेना ने मंगलवार को रूस के ब्रायांस्क स्थित एक प्रमुख रासायनिक संयंत्र पर स्टॉर्म शैडो मिसाइलों से हमला किया. यह मिसाइलें ब्रिटेन द्वारा यूक्रेन को प्रदान की गई लंबी दूरी की हथियार प्रणाली का हिस्सा हैं.

यूक्रेन की सशस्त्र सेनाओं के जनरल स्टाफ ने इस हमले को “सफल और रणनीतिक रूप से निर्णायक” बताया, जो रूस की हवाई सुरक्षा प्रणाली को भेदते हुए संयंत्र तक पहुंचीं. यह हमला मॉस्को के सैन्य-औद्योगिक ढांचे को कमजोर करने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम बताया जा रहा है.

ब्रायांस्क के संयंत्र को बताया ‘रणनीतिक लक्ष्य’
यूक्रेनी सेना के मुताबिक, ब्रायांस्क के इस रासायनिक संयंत्र में बारूद, विस्फोटक और रॉकेट ईंधन के घटक तैयार किए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन पर हमलों में किया जा रहा है. सेना ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “यह संयंत्र आक्रामक राष्ट्र की सैन्य मशीनरी का एक केंद्रीय हिस्सा है. इस पर हमला हमारी रक्षा रणनीति का हिस्सा है.”

रूसी अधिकारियों की ओर से अब तक इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन मॉस्को लंबे समय से पश्चिमी देशों को यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें देने को लेकर चेतावनी देता रहा है.

रूस का जवाबी हमला: कीव और कई क्षेत्रों पर मिसाइल व ड्रोन हमले
यूक्रेनी हमले के कुछ ही घंटों बाद रूस ने मंगलवार रात कीव समेत कई क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने बताया कि इन हमलों में छह लोगों की जान गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं.

कीव के मेयर विताली क्लिट्सको ने कहा कि राजधानी में कई इमारतें मलबे की चपेट में आईं और शहर के कई हिस्सों में आपातकालीन बिजली कटौती लागू की गई. कीव और डनिप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में गर्मी उत्पादन संयंत्रों को भी निशाना बनाए जाने की रिपोर्टें आई हैं.

कीव के सैन्य प्रशासन प्रमुख तिमुर टकाचेंको ने बताया कि राजधानी में दो लोगों की मौत हुई, जबकि आस-पास के इलाकों में एक महिला और दो बच्चों की जान गई.

यूरोपीय नेताओं की एकजुटता, ब्रिटेन का समर्थन जारी
हमले के दिन ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर और यूरोपीय देशों के नेताओं ने रूस पर आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ाने का संकल्प दोहराया. एक संयुक्त बयान में कहा गया, “जब तक व्लादिमीर पुतिन शांति के लिए तैयार नहीं होते, तब तक रूस की रक्षा प्रणाली और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया जाएगा.”

इस बयान पर यूक्रेन, जर्मनी, फ्रांस, इटली, पोलैंड, डेनमार्क, फिनलैंड, यूरोपीय संघ और नॉर्वे के नेताओं ने भी हस्ताक्षर किए. उन्होंने कहा कि “यूक्रेन को किसी भी संघर्ष विराम से पहले, दौरान और बाद में सबसे मजबूत स्थिति में होना चाहिए.”

ट्रंप और ज़ेलेंस्की की बैठक के बाद अमेरिका की भूमिका पर सवाल
पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की व्हाइट हाउस में बैठक हुई थी, लेकिन ट्रंप ने यूक्रेन को टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल देने से इनकार कर दिया.

ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ बुडापेस्ट में संभावित वार्ता पर सहमति जताई थी, लेकिन मंगलवार को उन्होंने कहा कि वे “एक बेकार बैठक” नहीं करना चाहते, जिससे यह संकेत मिला कि बातचीत की संभावनाएं कमजोर पड़ी हैं.

हाल ही में ट्रंप ने यह बयान देकर चौंकाया था कि “यूक्रेन अपने पूरे क्षेत्र को मूल स्वरूप में वापस पा सकता है,” जिससे उनकी नीति में बदलाव के संकेत मिले थे.

Source: News Agencies

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