हाईकोर्ट बेंच की मांग तेज़: मेरठ समेत 22 जिलों में बंद, बाज़ारों में दिखा सन्नाटा

By: The Trek News Desk

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर बुधवार को मेरठ में अभूतपूर्व बंद देखने को मिला. सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, दुकानों के शटर बंद रहे और सामान्य जनजीवन पर व्यापक असर दिखाई दिया. इस बंद को पश्चिमी यूपी के 22 से अधिक ज़िलों का समर्थन प्राप्त हुआ है.

शहर के आबुलेन, खैरनगर, बुढ़ाना गेट, बेगमपुल, दिल्ली रोड, गढ़ रोड, बच्चा पार्क सहित कई प्रमुख इलाकों में दिन की शुरुआत से ही बाज़ार पूरी तरह बंद नजर आए. सड़कों पर आम दिनों की तुलना में वाहनों की आवाजाही काफी कम रही, वहीं शराब की दुकानों पर भी ताले लटके दिखाई दिए. ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या में भी भारी गिरावट दर्ज की गई.

वकीलों का प्रदर्शन, कचहरी में तालाबंदी

हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया. सुबह से ही वकील कचहरी के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और तालाबंदी कर विरोध दर्ज कराया. बंद को सफल बनाने के लिए जिला बार एसोसिएशन और मेरठ बार एसोसिएशन की टीमों ने सुबह-सवेरे शहर के विभिन्न इलाकों में जनसंपर्क अभियान चलाया.

मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा, महामंत्री राजेंद्र सिंह राणा, जिला बार अध्यक्ष राजीव त्यागी और महामंत्री अमित कुमार राणा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने व्यापारियों और आम नागरिकों से बंद का समर्थन करने की अपील की. इस दौरान बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष अधिवक्ता भी प्रदर्शन में शामिल रहे.

कचहरी के बाहर प्रदर्शन कर रहे एक वकील लारेब ने कहा, “यह कोई ऐसी मांग नहीं जिसे पूरा नहीं किया जा सकता, और जब तक मांग पूरी नहीं होती संघर्ष जारी रहेगा.”

40 से अधिक टीमों ने किया जनजागरण

बंद को प्रभावी बनाने के लिए 40 से अधिक टीमों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर व्यापारिक संगठनों और आमजन से समर्थन मांगा. इस अभियान में आनंद कश्यप, रविंद्र कुमार, देवकीनंदन शर्मा, पूर्व महामंत्री आशीष चौरसिया, सचिन त्यागी सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे.

चिकित्सकों का समर्थन, ओपीडी सेवाएं रहीं बंद

मेरठ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी बंद को समर्थन देते हुए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखने की घोषणा की. IMA अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी और सचिव डॉ. विकास गुप्ता ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह चालू रखी गईं.

बाजारों में छाया रहा सन्नाटा

आज पूरे दिन शहर के अधिकांश बाज़ारों में दुकानें नहीं खुलीं. हापुड़ अड्डा, सेंट्रल मार्केट, वैली बाज़ार. जीमखाना मैदान, खैरनगर और बुढ़ाना गेट जैसे व्यस्त इलाकों में भी सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल नहीं दिखी. पूरे शहर में बंद का असर साफ तौर पर नज़र आया.

हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर किया गया यह बंद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में न्यायिक सुविधाओं की आवश्यकता को एक बार फिर केंद्र में ले आया है. आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज़ किए जाने के संकेत भी दिए जा रहे हैं.

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