By: The Trek News Desk
शहर के ताई पो इलाके में बुधवार दोपहर भड़की आग हांगकांग के इतिहास की छह दशकों में सबसे भयावह त्रासदी बन गई है. अधिकारियों ने कम से कम 44 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि करीब 280 लोग अभी भी लापता हैं.
कैसे भड़की आग
शुरूआती जांच के अनुसार, आग एक इमारत के बाहरी हिस्से पर लगाए गए बांस के मचान से शुरू हुई, जो निर्माण कार्य के लिए लगाया गया था. इसके बाद लपटें तेजी से हरित सुरक्षा-जाल (ग्रीन नेटिंग) तक फैल गईं, जिससे आसपास की कई इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया.
पास-पड़ोस के टावर कुछ ही मिनटों में धुएँ और आग से भर गए.
1962 के शम शुई पो क्षेत्र की आग, जिसमें 44 लोगों की मौत हुई थी. उसके बाद यह हांगकांग की सबसे घातक आग है.
अग्निशमन अभियान गुरुवार शाम तक चल सकता है
रिपोर्टस के मुताबिक, ताई पो के वांग फ़ुक कोर्ट हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से अब भी घना धुआँ निकल रहा है.
फायर ब्रिगेड की टीमें ऊँची सीढ़ी-वाहनों से लगातार पानी डाल रही हैं, लेकिन भीषण गर्मी, तेज हवाओं और ऊँचाई के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.
अधिकारियों का कहना है कि आग पर काबू पाने का अभियान गुरुवार शाम तक जारी रह सकता है.

हजारों लोगों वाला विशाल परिसर
वांग फ़ुक कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आठ टावर शामिल हैं, जिनमें लगभग 2,000 फ्लैट और करीब 4,800 निवासी रहते हैं.
1980 के दशक में बना यह हाउसिंग एस्टेट हाल के महीनों में बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य से गुजर रहा था, उसी के दौरान लगी मचान और नेटिंग ने आग को फैलने का रास्ता दिया.
दहकते टावर और भारी तैनाती
सैकड़ों फायरफाइटर्स और आपातकर्मी रातभर तैनात रहे, जबकि कई निवासी सुरक्षित स्थानों पर शरण लेते देखे गए.
आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कई टावर एक साथ जलने लगे और फायरफाइटर्स को बेहद करीब जाकर काम करना पड़ा.
अधिकारियों ने बताया कि अत्यधिक गर्मी और गिरते मलबे के कारण टीमों को बार-बार अपनी स्थिति बदलनी पड़ी.
Source: News Agencies
