By: The Trek News Desk
लंबे समय से चल रहे इसराइल-हमास संघर्ष के बीच आज एक बड़ा और मानवीय मोड़ देखने को मिला है. हमास ने रेड क्रॉस के माध्यम से पहले 7 जीवित इसराइली बंधकों को रिहा कर दिया है. इसराइली सेना ने पुष्टि की है कि इन बंधकों को अब अपनी हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें सुरक्षित रूप से देश के भीतर लाया जा रहा है.
रेड क्रॉस के ज़रिए रिहाई, अस्पताल में होगा इलाज
इसराइली रक्षा बलों (IDF) के मुताबिक, रिहा किए गए इन सातों नागरिकों को ग़ज़ा पट्टी से रेड क्रॉस की निगरानी में बाहर लाया गया और फिर इसराइली सीमा पर सेना को सौंपा गया. इसके बाद उन्हें एक सैन्य अड्डे पर ले जाया जाएगा, जहां उनके परिजनों से मुलाकात करवाई जाएगी.
इसके बाद इन सभी को हेलीकॉप्टर के ज़रिए अलग-अलग अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां मेडिकल जांच और इलाज की व्यवस्था की गई है.
बड़े सौदे की पहली किस्त
हमास ने पहले संकेत दिया था कि वह 20 जीवित बंधकों को रिहा करेगा, बदले में इसराइल को 1,900 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ना होगा. यह बंधक विनिमय सौदा उस संघर्षविराम समझौते का हिस्सा है, जो दोनों पक्षों के बीच दो साल से जारी युद्ध को रोकने की कोशिशों का हिस्सा है.
देशभर में भावनात्मक लहर
इसराइली मीडिया पर जैसे ही यह खबर चली कि बंधक अब रेड क्रॉस की निगरानी में हैं, देशभर में भावनात्मक उछाल देखने को मिला. कई परिवारों में खुशी के आंसू थे, वहीं कुछ स्थानों पर लोगों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया.
तेल अवीव समेत देश के विभिन्न शहरों में सार्वजनिक स्क्रीनिंग की गई, जहां हजारों लोग एकजुट होकर इस पल का साक्षी बने.
आगे की राह
फिलहाल इसराइल और हमास दोनों के बीच यह पहला बड़ा कदम है जो संघर्ष के बजाय शांति की दिशा में बढ़ता दिख रहा है. दोनों पक्षों के बीच इस तरह के और आदान-प्रदान की उम्मीद की जा रही है, लेकिन भविष्य की रणनीति इस पर निर्भर करेगी कि आने वाले दिनों में ज़मीनी हालात कैसे बनते हैं.
Source: News Agencies
