सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 24 फरवरी से अवैध घोषित टैरिफ वसूली रोकेगा अमेरिका

By: The Trek News Desk

अमेरिका की कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) एजेंसी ने घोषणा की है कि वह इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ की वसूली 24 फरवरी 2026 की सुबह 12:01 बजे (EST) से रोक देगी. यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन शुल्कों को अवैध करार दिए जाने के तीन दिन बाद उठाया गया है.

सीबीपी ने अपने कार्गो सिस्टम्स मैसेजिंग सर्विस (CSMS) के ज़रिए आयातकों और शिपर्स को भेजे संदेश में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के IEEPA से जुड़े पूर्व आदेशों के तहत लागू सभी टैरिफ कोड मंगलवार से निष्क्रिय कर दिए जाएंगे.

गौरतलब है कि यह निर्णय ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए टैरिफ की जगह एक अन्य कानूनी प्रावधान के तहत 15% का नया वैश्विक टैरिफ लागू किया है. हालांकि सीबीपी ने यह साफ नहीं किया कि अदालत के फैसले के बाद भी बंदरगाहों पर इन शुल्कों की वसूली कुछ दिनों तक क्यों जारी रही.

एजेंसी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि IEEPA के तहत टैरिफ वसूली पर रोक का असर अन्य प्रावधानों के तहत लगाए गए शुल्कों पर नहीं पड़ेगा. इनमें सेक्शन 232 (राष्ट्रीय सुरक्षा) और सेक्शन 301 (अनुचित व्यापार प्रथाएं) के तहत लागू टैरिफ शामिल हैं.

सीबीपी ने यह भी संकेत दिया कि व्यापार समुदाय को आगे की जानकारी CSMS संदेशों के माध्यम से दी जाएगी. हालांकि, आयातकों को संभावित रिफंड को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद IEEPA आधारित टैरिफ से अब तक जुटाए गए करीब 175 अरब डॉलर के राजस्व पर रिफंड का सवाल खड़ा हो गया है. पेन-व्हार्टन बजट मॉडल के अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक, इन टैरिफ से प्रतिदिन 50 करोड़ डॉलर से अधिक की आय हो रही थी.

विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत के इस फैसले और उसके बाद की प्रशासनिक कार्रवाइयों का असर अमेरिकी व्यापार नीति और आयात-निर्यात क्षेत्र पर व्यापक रूप से पड़ सकता है.

Source: News Agencies

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